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NOTA वोट सर्वाधिक होने पर नए प्रत्याशियों से होगा पुनर्मतदान – हेमंत

Byadmin

Dec 22, 2020


चंडीगढ़ – 27 दिसंबर  को अम्बाला नगर निगम के  मेयर पद और सभी 20 वार्डों के लिए  होने वाले  मतदान में  प्रयुक्त होने वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनो (ईवीएम )  में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के साथ साथ  न केवल नोटा -NOTA (नन ऑफ़ द अबाव- अर्थात उपरोक्त में से कोई भी नहीं) के बटन का विकल्प होगा जैसे लोक सभा सांसद और विधायक के मतदान  के दौरान भी होता है बल्कि  ध्यान देने योग्य है कि उक्त नगर निगम चुनावो में   हरियाणा  निर्वाचन  आयोग के  आदेश अनुसार  यह भी व्यवस्था  लागू   है   कि इनमें   NOTA  को एक फिक्शनल इलेक्शन कैंडिडेट (कल्पित चुनावी प्रत्याशी) माना जाएगा एवं उसके   पक्ष में पड़ी सभी वोटों को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा.

अम्बाला शहर निवासी  हाई कोर्ट के एडवोकेट एवं  कानूनी विश्लेषक  हेमंत कुमार ने  बताया कि  इसका अर्थ यह  है  NOTA के पक्ष में डाले गए वोटों को नगर निगम  चुनावों में  पूर्णतया वैध माना जाएगा. इसलिए अगर शहर के मतदाताओं को  अपने अपने वार्ड में पार्षद का चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवार पसंद नहीं है तो वह मतदान के दिन अपने सम्बंधित  पोलिंग स्टेशन (मतदान केंद्र ) में जाकर पार्षद के चुनाव के लिए वोट डालने वाली ईवीएम मशीन पर NOTA  का बटन दबा सकते है. इसी प्रकार अगर पूरे शहर में से मेयर का चुनाव लड़ रहे सभी 7 प्रत्याशी भी पसंद नहीं हैं, तो मतदान केंद्र में  मेयर के चुनाव के लिए वोट डालने वाली ईवीएम मशीन पर भी NOTA का  बटन दबा सकते है.

 हेमंत ने  बताया कि  अगर सम्बंधित  चुनावी क्षेत्र में (अर्थात मेयर के सम्बन्ध में पूरे शहर  में एवं पार्षद के सम्बन्ध में उस वार्ड में )  NOTA के पक्ष में डाले गए सभी प्रत्याशियों को प्राप्त हुए व्यक्तिगत मतों से  अधिक हुए, तो ऐसी  परिस्थिति में किसी भी प्रत्याशी  को मेयर या सम्बंधित वार्ड से पार्षद के तौर पर  निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा एवं रिटर्निंग ऑफिसर (चुनाव अधिकारी) द्वारा इस सम्बन्ध में राज्य निर्वाचन आयोग को सूचित करना होगा  एवं आयोग द्वारा उस चुनावी क्षेत्र में दोबारा मतदान  करवाया जाएगा एवं  उस पुनर्मतदान में पिछले चुनाव में खड़े किसी प्रत्याशी को फिर चुनाव नहीं लड़ने दिया जाएगा अर्थात  सभी पूर्व उम्मीदवारों जिन्होंने उक्त   मतगणना में NOTA  को प्राप्त हुए मतों से  कम मत प्राप्त किये हैं, वह पुनर्मतदान से अयोग्य हो जायेंगे.   हालांकि यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर पुनर्मतदान में भी NOTA  के पक्ष में सर्वाधिक मत डाले जाते है, तो ऐसी स्थति में तीसरी   बार  मतदान नही करवाया जाएगा एवं पुनर्मतदान में NOTA  के बाद  सर्वाधिक मत हासिल करने वाले दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया जाएगा. इसका अर्थ है कि NOTA को बहुमत एक बार पहला चुनाव रद्द करवा सकता है और पुनर्मतदान हो सकता है.

हेमंत ने यह भी बताया कि चूँकि NOTA के पक्ष में डाले गए सभी वोट वैध होंगे, इसलिए  चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की ज़मानत राशि लौटाने के लिए जैसे चुनावो में   डाले गए कुल वैध वोटो के   एक-छठे भाग से अधिक  वोट लेने आवश्यक होते हैं, इसलिए कुल डाले गए वोटों  में   NOTA  के पक्ष में डाले गए वोट भी शामिल किये जाएंगे.

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