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4 साल में साढ़े 8 हजार मरीजों के स्टंट डाल जीवन रक्षक बना छावनी सिविल अस्पताल का हार्ट सेंटर

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Dec 22, 2021

4 साल में साढ़े 8 हजार मरीजों के स्टंट डाल जीवन रक्षक बना छावनी सिविल अस्पताल का हार्ट सेंटर
– स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से हार्ट सेन्टर की स्थापना को 4 वर्ष का समय पूर्ण हुआ
– स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बोले मरीजों को बेहतर ईलाज अम्बाला में मिले इसके लिए किए गए पूरे प्रयास
– महज 50 हजार में डाला जा रहा स्टंट
– बीपीएल कार्डधारकों का निशुल्क हो रहा ईलाज

 अम्बाला, 22 दिसम्बर।
दिल का दौरा पड़े तो पहला घंटा सबसे महत्वूपर्ण माना जाता है, इसी पहले घंटे में मरीज को अम्बाला से चंडीगढ़ जाने की जरूरत न पड़े और अम्बाला में ही त्वरित ईलाज मिल सके। इसे ध्यान में रखते हुए 4 साल पहले अम्बाला छावनी सिविल अस्पताल में हार्ट सेंटर की स्थापना हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज के विशेष प्रयासों से की गई थी। सेंटर को स्थापित हुए आज 4 वर्ष का समय पूर्ण हो चुका है और यही हार्ट सेंटर 8500 मरीजों को स्टंट डालकर उन्हें नया जीवन प्रदान कर चुका है।
दिल के मरीज ईमरजेंसी में अम्बाला से चंडीगढ़ ईलाज के लिए दौड़ लगाने को मजबूर होते थे, मगर दिसंबर 2017 में हार्ट सेंटर स्थापित होने के बाद अन्य जिलों व प्रदेशों के अलावा चंडीगढ़ से भी मरीज अम्बाला हार्ट सेंटर में ईलाज कराने के लिए आ रहे हैं। हार्ट सेंटर में आज 50 हजार रुपए में स्टंट डाला जा रहा है जोकि प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा बीपीएल कार्ड धारकों को यहां पर निशुल्क ईलाज की सुविधा उपलब्ध है जबकि आयुषमान कार्ड धारकों का भी ईलाज हार्ट सेंटर में किया जा रहा है। हार्ट सेंटर में बेहतर ईलाज व इसकी बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां 4 वर्षों में 8500 मरीजों को स्टंट डाले जा चुके हैं, 16 हजार से ज्यादा मरीज हार्ट से संबंधित रोगों का ईलाज ले चुके हैं जबकि इसी समय अवधि में 40 हजार से ज्यादा ओपीडी हार्ट सेंटर में हो चुकी है। हार्ट सेंटर में प्रतिदिन औसतन ओपीडी 100 है जोकि पीक में 120 तक पहुंच जाती है। 2017 में जब हार्ट सेंटर की शुरूआत की गई थी तब यहां औसतन 50 ओपीडी होती थी जोकि 4 वर्षों में ही दोगुणी हो चुकी है। शुरूआती चरण में सेंटर में 27 बेड की व्यवस्था थी जोकि अब बढ़ाकर 40 से ज्यादा कर दी गई है। बढ़ती ओपीडी देखते हुए और बेड की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। आने वाले समय में हार्ट सेंटर में और आधुनिक तरीके से भी उपचार करने की योजना है।

 मेरे शहर के लोगों को अस्पताल में मिले बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं यहीं लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि एक समय था जब छावनी सिविल अस्पताल में एक दिन की ओपीडी महज डेढ़ सौ तक मुश्किल से होती थी। ईलाज के नाम पर एक एक्सरे मशीन थी जिसकी तारें टूटी होती थी और अक्सर इन्हें हिलाकर मशीन को ऑन करना पड़ता था। 2014 में जब वह स्वास्थ्य मंत्री बने तो संकल्प लिया कि सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाकर आधुनिक व बेहतर किया जाएगा ताकि मरीजों को घर बैठे स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। आज यह बताते हुए हर्ष होता है कि सिविल अस्पताल में प्रतिदिन 2 हजार से ज्यादा ओपीडी है। हार्ट केयर सेंटर में स्थापित कैथ लैब में हालैंड से मशीनें लगाई गई हैं। हार्ट सेंटर के अलावा अन्य बीमारियों का बेहतर व आधुनिक मशीनों से ईलाज आज छावनी सिविल अस्पताल में उपलब्ध है। कैंसर अस्पताल भी बनकर तैयार है जहां करोड़ों की लागत से आधुनिक व नई मशीनें आ चुकी है। जल्द ही इस अस्पताल को भी पूरी तरह आप्रेशनल किया जाएगा। 

 हार्ट सेंटर के एचओडी डा. राघव को मिला सम्मान
पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर चलाए जा रहे हार्ट सेंटर के एचओडी कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर राघव शर्मा को उनकी बेहतर कार्यप्रणाली की बदौलत उन्हें अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया। डॉक्टर राघव को यह सम्मान गत दिनों लुधियाना में एक समारोह के दौरान निजी कंपनी द्वारा प्रदान किया गया। डा. राघव ने बताया कि छावनी हार्ट सेंटर में मरीजों को अच्छा ईलाज मिल रहा है और यह सब गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के प्रयासों से ही संभव हो सका है और लोगों को इसपर गर्व होना चाहिए। सेंटर के प्रशासक राजीव कुमार ने बताया कि सेंटर में इस समय 2 केस कैरोटिड एंजियोप्लास्टी के सफलतापूर्ण किए गए हैं। अम्बाला के अलावा चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश व दिल्ली तक से लोग यहां उपचार हेतु आ रहे हैं।

 ईलाज की यह सुविधाएं उपलब्ध हार्ट सेंटर में
हार्ट सेंटर में एंजियोग्राम, एंजियोप्लास्टी, ओपीडी, आईसीयू,पेरीफेरल एंजियोप्लाटी, रेनल एंजियोप्लाटी, कैरोटिड एंजियोप्लाटी, पेसमेकर इम्पलांटेशन, आईवीवीएस, एफएफआर, थ्रोम्बस एसपिरेशन व अन्य ईलाज उपलब्ध हैं जबकि इको, टीएमटी, होल्टर, टीपीटी आदि टेस्ट सुविधाएं है जोकि प्राइवेट के मुकाबले कम शुल्क में किए जा रहे हैं।
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