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हौंसले के दम पर डॉक्टर दम्पति ने दी कोरोना को मात– फिर से जुटे लोगों की सेवा में।

Byadmin

Jun 14, 2021


पीएचसी पतरेहड़ी के डॉक्टर विनोद सैनी व डॉक्टर पूनम सैनी ने वैक्सीन को बताया सुरक्षा कवच–वैक्सीन लगवाने का किया लोगों से अनुरोध।
अम्बाला/शहजादपुर, 14 जून:-
 कोरोना वायरस की प्रथम वेव के बाद दूसरी वेव में भी लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग के कोरोना वॉरियर्स डॉक्टर, पैरामैडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मीयों ने अपनी जी-जान लगाकर काम किया है। दूसरी वेव के दौरान कोरोना पॉजिटिव केसों का पता लगाने के लिए सैम्पलिंग, टैस्टिंग, होम आइसोलेशन मरीजों की देखभाल के अलावा कोरोना रोधी वैक्सीनेशन का कार्य प्रमुख रहा है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने में भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मीयों का अहम रोल रहा है।
           स्वास्थ्य विभाग की पीएचसी पतरहेड़ी के डॉक्टरों व पैरामैैडिकल स्टाफ ने अपनी परवाह न करते हुए लोगों को इस वैश्विक महामारी से बचाने में जुटे रहे और तो ओर इस दौरान पीएचसी के दो डॉक्टर स्वयं भी पॉजिटिव हो गये, जिन्हें कुछ दिनों तक होमआइसोलेशन में रहना पड़ा। होमआइसोलेशन के दौरान भी डॉ. विनोद सैनी तथा डॉ. पूनम सैनी ने मोबाइल एवं विडियों कांफ्रेसिंग के दौरान पीएचसी के अन्तर्गत आने वाले होमआइसोलेशन मरीजों से सम्पर्क बनाये रखा और उनका मोरल बूस्ट करते रहे।
     पीएचसी पतरहेड़ी के इंचार्ज डॉ. विनोद सैनी बताते है कोरोना वायरस की दूसरी वेव के दौरान जब मरीजों की संख्या लगातार बढ रही थी तो उस समय मई के प्रथम सप्ताह में उन्हें बुखार हुआ और हलके लक्षण नजर आये। उन्हें महसूस हुआ कि वे कोरोना पॉजिटिव हो गये है। उनकी 5 मई को रिर्पोट पॉजिटिव आई। इस दौरान उन्होंने स्वयं को होमआइसोलेट कर लिया। वे शुगर के रोगी है। इसलिए समस्या थोड़ी ज्यादा रही। उन्होंने कहा कि बारी आने पर लोगों को वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। वैक्सीन एक सुरक्षा कवच है।
      इसी दौरान उनकी धर्मपत्नी डॉ. पूनम सैनी जो उन्हीं के साथ पीएचसी पतरहेड़ी में कार्यरत है। कुछ दिनों बाद उन्हे भी कोरोना सम्बंधी लक्षण नजर आये और जांच में वह 21 मई को पॉजिटिव पाई गई। डॉक्टर विनोद व डा. पूनम ने पॉजिटिव होने के बाद अपने आपकों परिजनों तथा दूसरों से अलग रखा और उन सब स्वास्थ्य सम्बंधी नियमों का पालन किया जिनकी जानकारी अब तक वे लोगों को देते आ रहे थे। इस दौरान उन्होंने पीएचसी स्टाफ से भी मोबाइल के जरिये सम्पर्क बनाये रखा और उनका मार्गदर्शन करते रहे। इस दौरान उन्होंने अपने आपको बुजुर्ग माता-पिता और छोटे बच्चे से अलग रखा।
      डॉक्टर विनोद व डा. पूनम बताते है कि इस दौरान उन्होंने कभी भी अपने मन में नकारात्मक विचार नहीं आने दिये और अपनी सोच को सकारात्मक रखा। जो लोग होमआइसोलेशन में थे उनसे भी बीच-बीच में सम्पर्क करते रहे और अपना मनोबल उंचा बनाये रखने के लिए उन्हें प्रेरित करते रहे। वे कहते है उनके जल्द रिकवर होने का एक कारण यह भी रहा कि उन्होंने अपने आपको अकेला महसूस नहीं होने दिया और उन मरीजों का विश्वास जीतने में कामयाब रहे जोकि उनकी बातों को तवज्जों देकर उन पर अमल कर रहे थे। वे बताते है कि हौंसले के साथ उन्होने कोरोना को मात दी।
बॉक्स- सीएमओं डॉ. कुलदीप सिंह, होमआइसोलेशन के नोडल अधिकारी डॉ. राजिन्द्र राय, डा. सुनील हरि, डा. विकास शर्मा, एसएमओं डा. तरूण प्रसाद व विभाग के अन्य उच्चाधिकारियों ने भी उनसे लगातार सम्पर्क बनाये रखा और उनका स्वास्थ्य सुरक्षा सम्बंधी उनका मार्गदर्शन करते रहे।

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