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हरियाणा में नगर निकायों द्वारा दुकानों/घरों की बिक्री के लिए तैयार की गई नीति- शहरी स्थानीय निकाय मंत्री

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Jun 16, 2021

इच्छुक पात्र कब्जाधारियों को वेब पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा आवेदन- शहरी स्थानीय मंत्री 

चण्डीगढ़, 16 जून- हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री अनिल विज ने बताया कि राज्य सरकार ने नगर निकायों की संपति पर कब्जाधारकों को मालिकाना हक देने के लिए एक नीति तैयार की है। इस नीति के अंतर्गत उन्हें कब्जा की हुई संपति का मालिकाना हक देने के लिए संबंधित संपति के कलैक्टर रेट में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। यह नीति 1 जुलाई, 2021 से लागू हो जाएगी।

          ब्यौरा देते हुए उन्होंने बताया कि इस नीति का लाभ लेने के इच्छुक पात्र कब्जाधारी को वेबपोर्टल पर निगम के संबंधित आयुक्त/कार्यकारी अधिकारी/संबंधित नगर निकाय के सचिव को एक महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

         श्री विज ने बताया कि इस नीति के तहत आने वाले कब्जाधारियों की सुविधा के लिए एक वेबपोर्टल का डिजाइन किया जा रहा है जोकि आगामी 20 जून, 2021 तक तैयार हो जाएगा क्योंकि इस नीति के तहत बड़े पैमाने पर कब्जाधारियों के शामिल होने की संभावना है।

         शहरी स्थानीय मंत्री श्री विज ने बताया कि इस नीति के तहत शहरी स्थानीय निकाय विभाग के कब्जाधारियों, जो 20 साल से अधिक समय से किराया, लीज अथवा लाइसेंस फीस पर संपत्ति पर काबिज है उनके लिए हरियाणा सरकार मालिकाना देने का काम कर रही है। इन कब्जाधारियों को संपति की डीड हेतू वर्तमान कलेक्टर रेट पर अधिकतम 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

         श्री विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 20 वर्ष से अधिक परंतु 25 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 80 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसी प्रकार, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 25 वर्ष से अधिक परंतु 30 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 75 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। ऐसे ही, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 30 वर्ष से अधिक परंतु 35 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 70 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

         शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 35 वर्ष से अधिक परंतु 40 वर्ष से कम की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 65 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। इसी तरह, जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 40 वर्ष से अधिक परंतु 45 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 60 प्रतिशत का भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 45 वर्ष से अधिक परन्तु 50 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 55 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

         श्री विज ने बताया कि जिन कब्जाधारियों के पास ऐसी संपति को 50 वर्ष से अधिक की अवधि हो गई है, उन्हें संबंधित श्रेणी की संपति के कलैक्टर रेट का 50 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

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