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हरियाणा दिवस के मौके पर भारत नेट के तहत करनाल जिले की करीब 288 चौपालों को वाई-फाई से लैस किया

Byadmin

Nov 1, 2020

चंडीगढ़, 1 नवंबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा दिवस के मौके पर भारत नेट के तहत करनाल जिले की करीब 288 चौपालों को वाई-फाई से लैस किया । करनाल में इस ई चौपाल कार्यक्रम का उद्घाटन कर मुख्यमंत्री ने योजना का लाभ ले रहे विभिन्न गांवों के सरपंचों व वीएलई से सीधा संवाद किया। 
उन्होंने कहा कि वाई-फाई की सुविधा से लोगों को अब घर बैठे ही कम कीमत पर सरकार की 550 से अधिक योजनाओं व सेवाओं का लाभ मिलना आरम्भ हो जाएगा। अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
  मुख्यमंत्री ने ई-चौपाल के उद्घाटन अवसर पर बताया कि अब करनाल की 382 ग्राम पंचायतों में से 288 पंचायतों में फाईबर ऑप्टिकल केबल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 225 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट व वाई-फाई की सुविधा सुचारू रूप से चल रही है, इसके लिए उन्होंने जिला की पंचायतों को बधाई दी। 
उन्होंने कहा कि यह इंफोर्मेशन टैक्नोलॉजी (आई.टी.), भारतनेट और कॉमन सर्विस सेंटरों की मेहनत का प्रतिफल है और यह आज के समय की आवश्यकता है। गांव हो या शहर सभी जगह मोबाईल व कम्प्यूटर का प्रयोग हो रहा है, अब तो घडिय़ां भी इंटरनेट से कनैक्ट हो गई हैं। दूरसंचार क्रांति से दुनिया में एक-दूसरे से दूरियां खत्म हो गई हैं, कोई भी व्यक्ति घर से देश व दुनिया के किसी कोने में बातचीत व संदेश भेज सकता है। उन्होंने कहा कि पहले छोटे-छोटे कामों के लिए व्यक्ति को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, अब इंटरनेंट के माध्यम से ऐसे कार्यों का घर बैठे ही लाभ ले सकते हैं। इसके चार्जिज भी बहुत जायज हैं, मात्र 10 रूपये खर्च करके कोई व्यक्ति इंटरनेट का प्रयोग कर सकता है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि हरियाणा में 550 ऐसी सेवाएं व योजनाएं हैं, जिनका लाभ लेने के लिए ऑनलाईन फार्म भरे जाते हैं। सरकार की मेरी फसल-मेरा ब्यौरा योजना किसान हितकारी है, जिसका विवरण पोर्टल पर डालना होता है। हरियाणा में बहुत से किसानों ने इसे अपनाया है और उन्हें मंडियों में फसल बेचने में किसी तरह की कठिनाई नहीं आई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न पंचायतों के सरपंचों के माध्यम से अपील कर कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के लिए जो निर्णय लेती है, उसका लाभ उठा लेना चाहिए।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शामिल विभिन्न गांवों के सरपंचो व वी.एल.ई. से संवाद किया और उनसे कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त रोजगार व आय बारे बात की। गड़पुर खालसा के सरपंच से उन्होंने पूछा कि गांव में वाई-फाई के कितने कनैक्शन हो गए हैं। इस पर सरपंच ने बताया कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से गांव के लोगों को लाभ मिल रहा है और अब तक 80 लोगों ने निजी कनैक्शन ले लिए हैं। उन्होंने बताया कि प्राईवेट जॉब करने वाले और कोचिंग क्लासिस के विद्यार्थियों ने इस सेवा का अच्छा-खासा फायदा उठाया है, इसके लिए सरपंच ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। 
मुख्यमंत्री ने इसी प्रकार कुटेल के सरपंच संदीप कल्याण , रायसन की वीएलई मंजू बाला तथा काछवा के वीएलई से भी कॉमन सर्विस सेंटर और उससे होने वाली आय को लेकर संवाद किया।
कार्यक्रम में जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वाई-फाई चौपाल सुविधा से प्रत्येक पंचायत में कम से कम 5 सरकारी लोकेशन जैसे ग्राम सचिवालय, आगंनवाडी, पी.एच.सी. व सी.एच.सी., पुलिस स्टेशन व सरकारी स्कूल जैसी जगहों पर एक वर्ष के लिए वाई-फाई फ्री दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी पंचायतों को वाई-फाई युक्त करने के लिए जोर-शोर से काम चल रहा है, जिसमें भारतनेट व सी.एच.सी. महत्वपूर्ण सहयोग दे रहे हैं। एक कनैक्शन से घर के अन्य व्यक्ति भी लाभ उठा सकते हैं। उपायुक्त ने कहा कि इंटरनेट सेवा कोरोना काल में मददगार साबित हुई है, जिससे वीएलई को रोजगार के साथ-साथ विद्यार्थियों को ऑनलाई क्लासिस का काफी लाभ मिला है।  
कार्यक्रम में कॉमन सर्विस सेंटर प्रदाता सेवा के नैशनल हैड मनीष अग्रवाल ने बताया कि देश की कुल 6 हजार 188 ग्राम पंचायतों में से 5 हजार 79 वाई-फाई युक्त हो गई हैं। इसी प्रकार करीब 4 हजार 743 पंचायतों में वाई-फाई हॉट स्पॉट हैं, 16 हजार 9 घरों में फाईबर की वायरिंग की गई है, जबकि 11 हजार गांव में ऊपर बताई गई सरकारी लोकेशन पर बी.एस.एन.एल. और बी.बी.एन.एल. की नेट सर्विस भारतनेट की ओर से एक साल के लिए फ्री वाई-फाई सुविधा दी जा रही है।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राणा, पूर्व अध्यक्ष जगमोहन आनंद, मेयर रेनू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला, मीडिया प्रवक्ता शमशेर नैन के अतिरिक्त वाई-फाई चौपाल सुविधा के नोडल व सीईओ गौरव कुमार, एनआईसी के एडीआईओ परविन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।  

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