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हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय मंगलवार को राजभवन में युवा लेखक अर्जुन सिंह कादियान द्वारा लिखित ‘‘लैंड ऑफ गाॅड्स’’ (द स्टोरी ऑफ हरियाणा) नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए। 

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Nov 2, 2021

चण्डीगढ़ 02 नवम्बर- हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि साहित्य का समाज पर प्रभाव पड़ता है इसलिए सकारात्मक व ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने से पाठ्कों को देश दुनिया की ऐतिहासिक घटनाओं के साथ-साथ सभ्यता संस्कृति का ज्ञान भी होता है, जो एक आदर्श समाज के लिए नितांत आवश्यक है।
श्री दत्तात्रेय ने यह बात मंगलवार को राजभवन में युवा लेखक अर्जुन सिंह कादियान द्वारा लिखित ‘‘लैंड ऑफ गाॅड्स’’ (द स्टोरी ऑफ हरियाणा) नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए कही। उन्होंने किताब के युवा लेखक अर्जुन सिंह कादियान को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आज इंटरनेट के इस प्रौद्योगिकी युग में युवा लेखक रचनात्मक लेखों, पुस्तकों व लेखन साहित्य की और बढ़ रहे हैं। इससे वर्तमान पीढ़ी का पुस्तक पाठन की ओर रूझान बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि लिखित साहित्य जहां संस्कृति व सभ्यता का ज्ञान कराता है, वहीं देश में घटी राजनीतिक घटनाओं के साथ-साथ समाज में समय-समय पर बदलाव की जानकारी देता है। आज गुगल के इस युग में किताबें भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले होती थी क्योंकि किताबों से पढ़ी हुई सामग्री से व्यक्ति के दिमाग व जहन में लम्बे समय तक स्थाई रूप से यादगार बनी रहती है और व्यक्ति के दिमाग को हर तरह से चुस्त-दुरूस्त रखती है।  
‘‘लैंड  ऑफ   गाॅड्स’’ (द स्टोरी आॅफ हरियाणा) के लेखक श्री अर्जुन सिंह कादियान ने बताया कि पुस्तक में 17वीं शताब्दी से 21वीं शताब्दी तक की हरियाणा में हुई मुख्य राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक घटनाओं को शामिल कर हरियाणा के इतिहास के बारे में बताया गया है। रूपा पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक को 9 अध्यायों में लिखा गया है जिनमें अलग समय-समय पर स्वतंत्रता प्राप्ति में समाज के योगदान के बारे में दर्शाया गया है और अंतिम अध्यायों में स्वतंत्रता प्राप्ति और हरियाणा गठन के बाद की राजनीतिक हलचलों का भी समावेश किया गया है। लेखक ने बताया कि इस किताब में उनके द्वारा प्रकाशित लेखों का समावेश किया गया और सभी तरह की अधिकृत सामग्री ही पुस्तक में शामिल की गई है।
इस अवसर पर सचिव राज्यपाल श्री अतुल द्विवेदी, लेखक की धर्मपत्नी श्रीमती सुहेलिका व लेखक के पिता गुनवीर सिंह भी उपस्थित थे।

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