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सरकार अपनी जिद छोड़े और काले कानूनों को तुरंत रद्द करे-निर्मल सिंह

Byadmin

Dec 10, 2020


आज हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री निर्मल सिंह जी पहुँचे किसानों के बीच।उन्होंने पिछले काफी दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के बीच कुंडली बॉर्डर पर पहुँचकर जाना किसानों का हाल चाल उन्होंने कहा सबसे पहले में स्वयं एक किसान हु।
हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने किसानों द्वारा भाजपा सरकार के तीन कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद को सफल बनाने के लिए हरियाणा वासियों का धन्यवाद किया है। इसके साथ ही उन्होंने शांतिपूर्वक आंदोलन चलाने के लिए किसानों और भारत बंद को सफल बनाने में योगदान देने के लिए सभी एच डी एफ के नेताओं व कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिद छोड़े और इन काले कानूनों को तुरंत रद्द करे। उन्होंने मौजूदा भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से फेल है। समाज का कोई भी वर्ग इस सरकार से खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि आज देश का किसान अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है। सरकार को बिना एक पल की देरी किये तीनों कृषि कानूनों को रद्दकर  उनकी सभी मांगों को स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा सरकार का रवैया किसानों के प्रति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। संविधान के दायरे में शांतिप्रिय ढंग से चल रहे किसान आन्दोलन को दबाने के लिए हरियाणा में शांतिपूर्ण तरीके से केंद्र सरकार से अपनी बात कहने जा रहे आंदोलनकारी किसानों पर वाटर कैनन, आँसू गैस और लाठियाँ चालाई गईं। किसानो को अपनी जायज मांग के लिए दिल्ली आने से नहीं रोकना चाहिए था। अगर किसानों को पहले ही बिना किसी रोक-टोक के आने दिया होता तो अब तक यहाँ पहुंच कर फैसला भी हो गया होता। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि सरकार किसानों पर झूठे मुक़दमे दर्ज करा रही है। उन्होंने सरकार को चेताया कि जोर-जबरदस्ती से किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता, उनके अधिकारों को छीना नहीं जा सकता। सरकार का दमनकारी रवैया आने वाले समय में उसे महंगा पड़ेगा। 
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ सरकार बेमन से बातचीत का दिखावा कर रही है और दूसरी तरफ इन तीन किसान विरोधी कानूनों को सही भी ठहरा रही है। यही कारण है कि किसानों को सरकार की बात पर भरोसा नहीं हो रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और एमएमएसपी से कम पर खरीदने वाले के लिए सजा का कानूनी प्रावधान जब तक नहीं होगा तब तक किसी क़ानून का किसानों के लिए कोई औचित्य नहीं है।

One thought on “सरकार अपनी जिद छोड़े और काले कानूनों को तुरंत रद्द करे-निर्मल सिंह”
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