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सरकारी दावों के बावजूद 10 दिनों से किसानों की जीरी मंडी में नहीं बिक रही : चित्रा सरवारा

Byadmin

Sep 28, 2020

अम्बाला छावनी : प्रदेश सरकार आढ़तियों, शैलर मालिकों और किसानों के बीच बढ़ा रही है मुश्किलें  जिसमें किसान और आढ़ती दोनों पिस रहे हैं । हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री चित्रा सरवारा ने आज अम्बाला छावनी की अनाज मंडी में धान की बिक्री न होने की सूचना मिलने पर किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्या सुनी। उन्होंने कहा कि तमाम सरकारी दावों के बावजूद बीते 10 दिनों से किसानों की धान की फसल अनाज मंडी में बिना बिके पड़ी है और यहां किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी काफी अभाव है। मंडी में पीने का पानी उपलब्ध नहीं, मंडी का पम्प 13 तारीख से खराब पड़ा है, खाने की भी सुविधा नहीं है। जो किसान 200 क्विंटल की उपज तैयार करे बैठा है उसे सरकार से मैसेज आ रहा है कि 1 क्विंटल फसल ले कर मंडी आ जाओ। वो किसान अपनी 199 क्विंटल फसल का क्या करेगा? जब किसान और शैलर आढ़ती के माध्यम से काम करने को राजी हैं तो सरकार आढ़ती को मिटाने पर क्यों आमादा है ? उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में यह बिल्कुल स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा सरकार किसानों के लिए नहीं है। यह सिर्फ चंद पूंजीपतियों के हित देखती है। चित्रा सरवारा ने कहा कि शब्दों के जाल में फंसाकर सरकार किसानों को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट के संस्थापक चौधरी निर्मल सिंह हमेशा ही किसानों के हित में संघर्ष करते रहे हैं और किसानों की लड़ाई किसी भी स्तर तक लड़ने के लिए वचनबद्ध है। चित्रा सरवारा ने कहा कि हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट ने महामहिम राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर गुहार लगाई थी कि किसानों के हित में इन अध्यादेशों को बिना हस्ताक्षर किए संशोधन के लिए सरकार को वापिस भेज दें। लेकिन महामहिम ने भी किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अधिकतर फैसले रात्रि के समय और रविवार के दिन लेती है। उन्होंने कहा कि यह सरकार अंधेरे में जो पाप कर रही है। उनका दंड इन्हें अवश्य भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा डैमाेक्रेटिक फ्रंट न केवल किसानों की आवाज उठाएगा बल्कि उन्हें जागृत भी करेगा। भाजपा की नीति है कि किसी भी तरह किसान और आढ़तियों के साथ साथ मंडियां भी खत्म हो जाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की देश विरोधी नीतियों के कारण ही अकाली दल ने उनसे संबंध तोड़ लिए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार ने किसान विरोधी अनेक कार्य किए है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से पहले की तरह ही खरीद चालू करनी चाहिए। इस समय पूरी मंडी धान से भरी हुई है और सरकार धान की खरीद नहीं कर रही हैं

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