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शिक्षक का देश व समाज के निर्माण में एक अहम रोल होता है:-उपायुक्त विक्रम सिंह

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Sep 5, 2021

अम्बाला, 5 सितम्बर:- उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि शिक्षक का देश व समाज के निर्माण में एक अहम रोल होता है।  शिक्षक द्वारा दिखाए गये सही मार्गदर्शन से ही विद्यार्थी बुलंदियों को छूता है। यह उद्गार उपायुक्त ने पंचायत भवन अम्बाला शहर के सभागार में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में कहे। इस मौके पर उन्होंने 10 राजकीय विद्यालयों के मुखियों, एबीआरसी व अन्य शिक्षकों को स्कूलों में नामांकन में उत्कृष्ट वृद्धि करने के कार्य में यानि विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिये उन्हें प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर उनको प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपशिखा प्रज्जवलित करके किया गया।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने इस मौके पर शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 5 सितम्बर को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति डा0 राधाकृष्णन सर्वपल्ली के जन्मदिवस के अवसर पर हर वर्ष शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि शिक्षक की समाज व देश को आगे ले जाने में मुख्य भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि डा0 राधाकृष्णन सर्वपल्ली को भारत रत्न पुरस्कार भी प्राप्त है। इसके अलावा कईं सीनियर लीडरों ने भी शिक्षा को महत्व दिया है। डा0 अब्दुल कलाम की बात करें तो उन्होंने राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत होने के बाद अधिक आयु होने के बावजूद भी शिक्षा के क्षेत्र में दोबारा एंट्री की थी। उपायुक्त ने कहा कि मुझे भी राष्ट्रपति भवन में जाने का मौका मिला है और वहां पर परिसर में जो स्कूल बना हुआ है, उसमें डा0 अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति होते थे, वे वहां जाकर बच्चों से बातचीत करते थे कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किस प्रकार चल रही है। इससे पता चलता है कि उनके जीवन में शिक्षा का कितना महत्व था।
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना महामारी के समय बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिये शिक्षकों ने ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से बच्चों को निरंतर पढ़ाने का काम किया, जोकि सराहनीय है। इतना ही नहीं छोटे-छोटे ग्रुप, मोहल्ला पाठशाला के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया। लॉकडाउन के चलते गांव व शहरों में जो भी टीचर थे, उन्हें हायर करके बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाई। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों ने जिला प्रशासन के हर कार्य में आगे आकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना महामारी के दौरान इन्होंने अपने जीवन की चिन्ता न करते हुए, जिन जरूरतमंद लोगों को भोजन की आवश्यकता थी, उनका सर्वे करते हुए उन्हें भोजन उपलब्ध करवाने का काम किया। मिड-डे-मील के तहत घर-घर जाकर बच्चों को राशन उपलब्ध करवाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने कोरोना काल में अभूतपूर्व कार्य किये हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने का काम किया है। अब उन्हें बच्चों की क्वालिटी एजुकेशन की तरफ फोकस करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में फिजिकल तौर पर वह बच्चों को नही पढ़ा सके  लेकिन अब उन्हें बेहतर समन्वय के साथ बच्चों को पढ़ाते हुए आगे बढ़ाने का काम करना है।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने इस मौके पर यह भी कहा कि किसी भी शिक्षक के लिये सबसे बड़ी खुशी की बात यह होती है कि उन द्वारा पढ़ाया गया बच्चा किस मुकाम पर पंहुचा है और वह बच्चा अच्छे मुकाम पर पंहुचने के बाद जब अपने टीचर से मिलता है तो उसकी खुशी दोगुना हो जाती है। उन्होंने कहा कि उनकी माता जी स्वंय टीचर हैं। जब उनसे कोई बच्चा मिलने आता है तो उनकी माता जी की खुशी काफी बढ़ जाती है, यह उन्होंने स्वंय देखा है। शिक्षा का स्तर आगे बढ़े, इसके लिये प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। हरियाणा सक्षम योजना के साथ-साथ अनेको ऐसे कार्यक्रम हैं, जो चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की जा रही है। स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ें, उनका लक्ष्य क्या हो, उन्हें आगे कैसे बढऩा है, इसके लिये कईं स्कूलों में करियर ओरिएंटेंशन चार्ट लगाने का काम भी किया गया है। इसके साथ-साथ लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने टीचरों को भी कहा कि वे बच्चों को आगे बढऩे के लिये प्रेरित करें तथा जो भी उनका लक्ष्य हैं, उसमें उनका मार्गदर्शन करें।
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने उपायुक्त का यहां पंहुचने पर स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना काल में शिक्षकों के साथ-साथ एबीआरसी व अन्य ने जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अम्बाला में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 77282 थी, जो अब बढक़र 86421 हो चुकी है, यानि इसमें 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंच सचालन की भूमिका हिन्दी प्राध्यापिका ज्योति गर्ग ने निभाई। जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उपायुक्त को यहां पंहुचने पर उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट कर व स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया।
बॉक्स:-उपायुक्त ने इस मौके पर जिन 10 स्कूलों में छात्रों की संख्या में बढ़ौतरी करने का काम किया है, उन्हें सम्मानित किया, जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेम नगर, ाजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उगाला, जीपीएस रामपुर-सरसहेड़ी, जीपीएस डेहा बस्ती, जीपीएस करधान, जीपीएस बूढिय़ों, जीपीएस सीवन माजरा, जीपीएस समलहेड़ी, जीपीएस उगाड़ा व जीपीएस चुडिय़ाला शामिल हैं।
इस मौके में जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप जाखड़, जिला परियोजना समन्वयक सुधीर कालड़ा, मुख्य सुशासन सहयोगी शरद, हिन्दी प्राध्यापिका ज्योति गर्ग, जिन्दू सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद र

अम्बाला, 5 सितम्बर:- उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि शिक्षक का देश व समाज के निर्माण में एक अहम रोल होता है।  शिक्षक द्वारा दिखाए गये सही मार्गदर्शन से ही विद्यार्थी बुलंदियों को छूता है। यह उद्गार उपायुक्त ने पंचायत भवन अम्बाला शहर के सभागार में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने सम्बोधन में कहे। इस मौके पर उन्होंने 10 राजकीय विद्यालयों के मुखियों, एबीआरसी व अन्य शिक्षकों को स्कूलों में नामांकन में उत्कृष्ट वृद्धि करने के कार्य में यानि विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिये उन्हें प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर उनको प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपशिखा प्रज्जवलित करके किया गया।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने इस मौके पर शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि 5 सितम्बर को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति डा0 राधाकृष्णन सर्वपल्ली के जन्मदिवस के अवसर पर हर वर्ष शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस पूरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि शिक्षक की समाज व देश को आगे ले जाने में मुख्य भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि डा0 राधाकृष्णन सर्वपल्ली को भारत रत्न पुरस्कार भी प्राप्त है। इसके अलावा कईं सीनियर लीडरों ने भी शिक्षा को महत्व दिया है। डा0 अब्दुल कलाम की बात करें तो उन्होंने राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत होने के बाद अधिक आयु होने के बावजूद भी शिक्षा के क्षेत्र में दोबारा एंट्री की थी। उपायुक्त ने कहा कि मुझे भी राष्ट्रपति भवन में जाने का मौका मिला है और वहां पर परिसर में जो स्कूल बना हुआ है, उसमें डा0 अब्दुल कलाम जब राष्ट्रपति होते थे, वे वहां जाकर बच्चों से बातचीत करते थे कि विद्यार्थियों की पढ़ाई किस प्रकार चल रही है। इससे पता चलता है कि उनके जीवन में शिक्षा का कितना महत्व था।
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना महामारी के समय बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिये शिक्षकों ने ऑनलाईन शिक्षा के माध्यम से बच्चों को निरंतर पढ़ाने का काम किया, जोकि सराहनीय है। इतना ही नहीं छोटे-छोटे ग्रुप, मोहल्ला पाठशाला के माध्यम से भी विद्यार्थियों को पढ़ाया। लॉकडाउन के चलते गांव व शहरों में जो भी टीचर थे, उन्हें हायर करके बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाई। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों ने जिला प्रशासन के हर कार्य में आगे आकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कोरोना महामारी के दौरान इन्होंने अपने जीवन की चिन्ता न करते हुए, जिन जरूरतमंद लोगों को भोजन की आवश्यकता थी, उनका सर्वे करते हुए उन्हें भोजन उपलब्ध करवाने का काम किया। मिड-डे-मील के तहत घर-घर जाकर बच्चों को राशन उपलब्ध करवाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने कोरोना काल में अभूतपूर्व कार्य किये हैं। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने का काम किया है। अब उन्हें बच्चों की क्वालिटी एजुकेशन की तरफ फोकस करना है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में फिजिकल तौर पर वह बच्चों को नही पढ़ा सके  लेकिन अब उन्हें बेहतर समन्वय के साथ बच्चों को पढ़ाते हुए आगे बढ़ाने का काम करना है।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने इस मौके पर यह भी कहा कि किसी भी शिक्षक के लिये सबसे बड़ी खुशी की बात यह होती है कि उन द्वारा पढ़ाया गया बच्चा किस मुकाम पर पंहुचा है और वह बच्चा अच्छे मुकाम पर पंहुचने के बाद जब अपने टीचर से मिलता है तो उसकी खुशी दोगुना हो जाती है। उन्होंने कहा कि उनकी माता जी स्वंय टीचर हैं। जब उनसे कोई बच्चा मिलने आता है तो उनकी माता जी की खुशी काफी बढ़ जाती है, यह उन्होंने स्वंय देखा है। शिक्षा का स्तर आगे बढ़े, इसके लिये प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। हरियाणा सक्षम योजना के साथ-साथ अनेको ऐसे कार्यक्रम हैं, जो चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की जा रही है। स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ें, उनका लक्ष्य क्या हो, उन्हें आगे कैसे बढऩा है, इसके लिये कईं स्कूलों में करियर ओरिएंटेंशन चार्ट लगाने का काम भी किया गया है। इसके साथ-साथ लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिये पुस्तकें भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने टीचरों को भी कहा कि वे बच्चों को आगे बढऩे के लिये प्रेरित करें तथा जो भी उनका लक्ष्य हैं, उसमें उनका मार्गदर्शन करें।
इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार ने उपायुक्त का यहां पंहुचने पर स्वागत करते हुए कहा कि कोरोना काल में शिक्षकों के साथ-साथ एबीआरसी व अन्य ने जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अम्बाला में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या 77282 थी, जो अब बढक़र 86421 हो चुकी है, यानि इसमें 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मंच सचालन की भूमिका हिन्दी प्राध्यापिका ज्योति गर्ग ने निभाई। जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उपायुक्त को यहां पंहुचने पर उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट कर व स्मृति चिन्ह देकर उनका अभिनंदन किया।
बॉक्स:-उपायुक्त ने इस मौके पर जिन 10 स्कूलों में छात्रों की संख्या में बढ़ौतरी करने का काम किया है, उन्हें सम्मानित किया, जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रेम नगर, ाजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उगाला, जीपीएस रामपुर-सरसहेड़ी, जीपीएस डेहा बस्ती, जीपीएस करधान, जीपीएस बूढिय़ों, जीपीएस सीवन माजरा, जीपीएस समलहेड़ी, जीपीएस उगाड़ा व जीपीएस चुडिय़ाला शामिल हैं।
इस मौके में जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनूप जाखड़, जिला परियोजना समन्वयक सुधीर कालड़ा, मुख्य सुशासन सहयोगी शरद, हिन्दी प्राध्यापिका ज्योति गर्ग, जिन्दू सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद र

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