• Wed. May 18th, 2022

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अम्बाला में बन रहे आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का जायजा लिया।

Byadmin

Feb 4, 2022

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अम्बाला में बन रहे आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण होने से देखने वालों को प्रत्यक्ष रूप से इतिहास की जानकारी मिलेगी:- मनोहर लाल
अंबाला में बन रहा स्मारक हिंदुस्तान का  सबसे बेहतरीन आर्किटैक्चर होगा:- गृह मंत्री अनिल विज।
अम्बाला, 4 फरवरी:-
 हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने आज अम्बाला छावनी में बनाए जा रहे आजादी की पहली लड़ाई का शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का यह 75वां वर्ष है जिसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी की गाथा बहुत लंबी है और इस महोत्सव के दौरान युवाओं को आजादी के संग्राम और शहीदों के बारे में जानकारी मिले, इसके दृष्टिगत विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से 1857 स्वतंत्रता संग्राम की क्रांति जो अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी, उसके बारे में जानकारी ली। यह शहीद स्मारक 22 एकड़ में 261 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है और इसका लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस स्मारक में इंटरप्रीटेशन सैंटर, ओपन एयर थियेटर, म्यूजियम, ऑडिटोरियम, वाटर बॉडी एंड कनैक्टिंग ब्रिज, मेमोरियल टावर, अंडर ग्राउंड डबल बेसमैंट पार्किंग, इन्फोरमेशन सैंटर, हैलीपैड आदि का निर्माण किया जा रहा है। शहीद स्मारक कार्यों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने अधिकारियों तथा शहीद स्मारक को तैयार करने में अपना योगदान देने वाले राईटर को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अम्बाला से शुरू हुई थी आजादी के पहले स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी:-
श्री मनोहर लाल ने कहा कि पहले यह माना जाता था कि 1857 की क्रांति मेरठ से शुरू हुई थी लेकिन तथ्यों और इतिहासकारों के द्वारा यह बताया गया कि मेरठ से 10 घंटे पहले स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी अम्बाला छावनी में उठी थी जोकि धीरे-धीरे हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों तथा देश के विभिन्न हिस्सों तक फैल गई। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति और शहीदों की याद में यह महत्वपूर्ण स्मारक बनाया जा रहा है जिससे आने वाली पीढियों को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें अपने क्रांतिकारी वीर शहीदों के जीवन के बारे में जानकारी मिल पायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबों कहानियों के द्वारा इतिहास कईं प्रकार से जाना जा सकता है, लेकिन इस प्रकार के ऐतिहासिक स्मारक का निर्माण होने से देखने वालों को प्रत्यक्ष रूप से इतिहास की जानकारी मिलती है। उन्होंने कहा कि शहीद स्मारक से जन-जन में देश के प्रति और अधिक प्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कविता की पंक्तियों, जो भरा नहीं है भावों से बहती जिसमें रसधार नहीं, वह ह्दय नहीं है पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं के द्वारा देश-प्रेम के बारे अपने भाव व्यक्त किए।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अनसंग हीरों की याद में अम्बाला छावनी में स्मारक बनाने की लगातार उठाई आवाज:-
इस अवसर पर गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री का अम्बाला छावनी में पहुंचने पर स्वागत करते हुए कहा कि वे सन 2000 से विधानसभा में यह विषय रखते आए हैं कि 1857 की स्वतंत्रता संग्राम की पहली चिंगारी अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी और उन अनसंग हीरों की याद में अम्बाला छावनी में एक स्मारक बनना चाहिए। वे आवाज लगातार उठाते आ रहे थे। उनका ध्येय भी यही था कि आजादी की जो चिंगारी अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी उसके बारे में जन-जन को जानकारी मिले और शहीद स्मारक के माध्यम से लोग अपने शहीदो की कुर्बानियों एवं बलिदानों को याद कर उनसे प्रेरणा ले पाएं।
उन्होंने कहा कि कुछ दलों ने शुरू से यह इतिहास पढ़ाया कि आजादी की लड़ाई उन्होंने लड़ी जबकि यह लड़ाई 1857 में शुरू हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि इससे यह बात साफ होती है कि हिन्दुस्तान के लोगों में आजाद होने का जज्बा पहले से ही था और उन्होने आजादी की पहली अलख 1857 में ही जगा दी थी। ऐसे क्रांतिकारी वीर शहीदों का नाम कहीं आगे नहीं आने दिया गया और उनके जीवन के बारे में पढ़ाया नहीं गया और न ही उन्हें याद किया गया। गृहमंत्री ने कहा कि जब हमारी सरकार बनी और उन्होंने शहीद स्मारक की बात मुख्यमंत्री के सामने रखी तो उन्होंने इसे तुरंत स्वीकृति दे दी।
अंबाला में बन रहा स्मारक हिंदुस्तान का  सबसे बेहतरीन आर्किटैक्चर होगा:-
श्री अनिल विज ने कहा कि हिंदुस्तान का  यह सबसे बेहतरीन आर्किटैक्चर शहीद स्मारक बन रहा है और इसके लिए इतिहासकारों की एक कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में प्रो0 युवी सिंह को भी लिया गया है तथा इतिहासकार स्वर्गीय के.सी. यादव के रिसर्च एवं दस्तावेजों के माध्यम से भी यह साबित होता है कि आजादी की पहली लड़ाई जो 1857 में शुरू हुई थी वह मेरठ से लगभग 10 घंटे पहले अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी।
उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का यह एक बेहतरीन और भव्य शहीद स्मारक बनेगा जिसे जीटी रोड़ से गुजरने वाला प्रत्येक व्यक्ति अवश्य रूकेगा। शहीद स्मारक का कार्य पूरा होने के बाद अम्बाला छावनी एक टूरिस्ट सैंटर बन जायेगा जहां देश के ही हीं बल्कि दूनिया के पर्यटक यहां पर भ्रमण करने के लिए आयेंगे। शहीद स्मारक के अलावा इसके नजदीक ही एक साईंस म्यूजियम भी बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ0 अमित अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, अम्बाला मंडल की आयुक्त रेणू एस फूलिया, उपायुक्त श्री विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रधांवा, अतिरिक्त उपायुक्त श्री सचिन गुप्ता, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ0 कुलदीप सैनी, एसडीएम डा0 इंद्रजीत, एसडीएम हितेष कुमार, एसडीएम नीरज, प्रो0 कपिल कुमार, भाजपा जिला प्रधान राजेश बतौरा, मंडल प्रधान राजीव डिम्पल, मंडल प्रधान किरण पाल चौहान, मंडल प्रधान अजय परासर, जेजेपी के ग्रामीण जिला अध्यक्ष दलबीर सिंह पूनिया, विजय गुप्ता, बीएस बिन्द्रा, रवि सहगल, ललित चौधरी, ललिता प्रसाद, विजेन्द्र चौहान, बलकेस वत्स, कृष्ण राणा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

38 thoughts on “मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अम्बाला में बन रहे आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक के निर्माण कार्यों का जायजा लिया।”
  1. Новинки фільми, серіали, мультфільми 2021 року, які
    вже вийшли Ви можете дивитися
    українською на нашому сайті link

  2. Нові сучасні фільми дивитися
    українською мовою онлайн в хорошій якості HD Link

Leave a Reply

Your email address will not be published.