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महिला काव्य मंच(रजि०) की अम्बाला इकाई की मासिक गोष्ठी आयोजित

Byadmin

Feb 24, 2021

अम्बाला :- 24 फरवरी

महिला काव्य मंच(रजि०) की अम्बाला इकाई की मासिक गोष्ठी का कल आयोजन राज्य महासचिव अंजलि सिफ़र की अध्यक्षता में सेक्टर 9 स्थित ‘पेप्पर ग्रिल ‘ में हुआ जिसमें विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं दिल्ली की जानी मानी ग़ज़लकारा और एस्ट्रो साइक्लोजिस्ट सपना अहसास जी। इसमे शहर और छावनी से   कवयित्रियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत की।मंच संचालन मनीषा नारायण द्वारा किया गया।    महिला काव्य मंच की हरियाणा महासचिव ‘अंजलि सिफ़र’ का शेर कुछ इस तरह था- समझते हैं महब्बत की ही भाषापरिंदों को बुलाना भी हुनर हैविशिष्ट अतिथि सपना अहसास जी की पंक्तियाँ यूँ थीढेरों ख़दशे हादिसे हैं और ये ख़म से भरीटेढ़े मेढ़े रास्ते हैं बेअमां है ज़िन्दगी  अम्बाला इकाई महासचिव मनीषा भसीन नारायण की गज़ल का शेर कुछ ऐसे था- सोना उगलते खेत भी वीरान हो गएधरने पे हैं किसान बहुत वक़्त हो गया। सचिव मनजीत तुर्का ने अपनी रचना कुछ इस तरह साझा की दोस्ती मॉं बेटे में हो तो जीवन संवर जाता है दोस्ती पती पत्नी में हो तो घर स्वर्ग बन जाता है। कवयित्री एकता डाँग ने एक गीत के साथ अपनी प्रस्तुति दी  इश्क़ करना मुझे भी सिखा दे कोईबेक़रारी क्या है बता दे कोई। सवीना वर्मा ‘सवी’ जी की गज़ल का शेर कुछ यूँ हुआ  डरा सा लगे बागबां किस लिए तू कलियों की रंगत चुराया न कर। उपाध्यक्ष दीया शर्मा ने अपनी रचना कुछ इस अन्दाज़ में प्रस्तुत कीवो ज़ख्म दीवार का,जिसे कहते हैं रोशनदान। छलनी कर गया कलेजा बींध कर दीवार को। गौरी वंदना जी की पंक्तियाँ कुछ ऐसे थींकलम मत शोर मचा, ठहर जा अभी पहरा है। सुमन जैन लूथरा जी की रचना कुछ ऐसे थीनियति तूने अजब खेल है खेला। सब कुछ दिया जी भर करढेरों ग़म ढेरों खुशियांकनिका ने कहा ढहती रही ज़मीन मेरी हादसों सेलोगों ने हादसा देखा..मेरे सीने पे मलबा नज़र नहीं आयासंगीता भसीन जी के शब्द कुछ ऐसे थेहाँ,मैं नारी हूँ , सदियों से खुद को दफन करती आई हूँसमाज की बनाई कुरीतियों पर। इस अवसर पर सपना जी द्वारा ग़ज़ल लेखन की कुछ बारीकियां भी साझा की गईं।कार्यक्रम का समापन सपना अहसास जी को स्मृति चिन्ह’ भेंट देकर किया गया।इस अवसर पर अंजलि सिफ़र द्वारा उनका ग़ज़ल सँग्रह काग़ज़ से गुफ़्तगू भी भेंटस्वरूप दिया गया।मंच पिछले ढाई वर्षों से लगातार मासिक गोष्ठियां आयोजित कर रहा है।Attachments area

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