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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय व सुपवा, रोहतक के कुलपति प्रो राजबीर सिंह हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय को विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जानकारी देेते हुए।

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Oct 25, 2021

चण्डीगढ़ 25 अक्तूबर –  हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने कहा है कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय लैब सुविधाओं का अधिक से अधिक से उपयोग करने के लिए विश्वस्तर पर मानव स्वास्थ्य व चिकित्सा क्षेत्र में काम कर रही संस्थाओं व विश्वविद्यालयों से एम.ओ.यू साईन करें। इससे प्रयोगशालाओं में हुए शोध का लाभ आमजन के साथ-साथ शोधार्थियों को भी मिलेगा और शिक्षण भी नई खोज व अनुसंधानों से अपडेट रहेंगे। श्री दत्तात्रेय सोमवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय व सुपवा, रोहतक के कुलपति प्रो राजबीर सिंह से बात कर रहे थे। उन्होंने कुलपति सहित पूरे एम.डी.यू परिवार को रॉकफेलर फाउंडेशन के सहयोग से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक में स्थापित अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त जिनोम सिक्वेन्सिंग लैब के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि इस फाउंडेशन द्वारा देश में पांच उच्च शिक्षा के संस्थानों में इस तरह की लैब स्थापित की गई है। जिनमें चार संस्थाएं व विश्वविद्यालय चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। केवल महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय ही ऐसा विश्वविद्यालय है जो नाॅन-चिकित्सा विश्वविद्यालय है। इस विश्वविद्यालय के जीव-विज्ञान फैकल्टी के रिसर्च के बेहतर स्तर को देखते हुए यह लैब स्थापित की गई है। इस लैब के स्थापित होने के उपरान्त स्वास्थ्य और पर्यावरण एवं कृषि के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों तथा फैकल्टी को विश्वस्तरीय शोध सुविधा मिल पाएगी। इस लैब में वायरस के सिक्वैंस के साथ-साथ बैक्टीरिया व फंगस के क्षेत्र में शोध किया जा सकेगा। लैब में किए गए प्रयोग व अनुसंधान से प्रदेश के लोगों के साथ-साथ पूरे देश को लोगों को चिकित्सा के क्षेत्र में लाभ होगा।
 उन्होंने सभी तकनीकी विश्वविद्यालयों से कहा है कि वे सैटेलाईट शिक्षा उपलब्ध करवाने व विद्यार्थियों को स्पेस में भेजने के लिए परस्पर सहयोग कर इसके लिए काम करें।
श्री दत्तात्रेय ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को रिसर्च एण्ड डवैलप्मैंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का कार्य करने के लिए उनके पूर्व छात्र जो राष्ट्र व विश्वस्तरीय संस्थाओं में काम कर रहे हैं। इस मामले में पूर्व छात्र अपने अनुभवों को लाभ देकर शोधार्थियों को रिसर्च और शोध के कार्यों में मदद कर सकते हंै। इसके साथ-साथ सभी विश्वविद्यालय इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करें और अपने द्वारा किए शोध व अनुसंधानों को लोकल से ग्लोबल तक पहुंचाए।
प्रो0 राजबीर सिंह जो एम.डी.यू के साथ-साथ पण्डित लखमी चंद यूनिवर्सिटी परर्फोमिंग विजुअल आर्ट, रोहतक के भी कुलपति हैं ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना के थोड़े से ही समय में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्यपाल को अवगत करवाया कि विश्वविद्यालय ने अब तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 75 प्रतिशत लागू करने में सफलता हासिल की है। इसके साथ-साथ उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय गुणवत्ता शिक्षा के साथ रोजगार के क्षेत्र मे भी आगे बढ़कर कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय परिसर से अभी तक विभिन्न कोर्सों में तीन बैच पूरे किए हैं, जिसमें पास हुए विद्यार्थियों का शत प्रतिशत प्लेसमैंट हुआ है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा का एक मात्र विश्वविद्यालय है जिसमें देश के हर कोने से यानि डेढ दर्जन राज्यों से भी अधिक छात्र प्रदर्शन व दृश्य कला के क्षेत्र में शिक्षा के साथ-साथ कौशलता प्राप्त कर रहे हैं।
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