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प्रदेश में 15 सितंबर तक स्वामित्व योजना को लागू कर दिया जाएगा।

Byadmin

Jul 25, 2021

चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा के वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा है कि प्रदेश में 15 सितंबर तक स्वामित्व योजना को लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में ड्रोन फ्लाइंग का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब स्वामित्व योजना में नक्शे बनाने का काम जारी है।
श्री कौशल ने यह जानकारी मीडिया से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिला उपायुक्तों को इस मामले में निर्देश दिए हुए हैं कि आगामी 15 सितंबर तक अपने-अपने जिलों में स्वामित्व योजना को लागू करने के लिए सभी कार्यों को पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में ड्रोन फ्लाइंग का काम लगभग पूरा हो चुका है लेकिन सोनीपत और यमुनानगर के कुछ गांवों में ड्रोन फ्लाइंग बाकी थी। श्री कौशल ने कहा लगभग अब उन जिलों का भी काम पूरा हो चुका है। स्वामित्व योजना के तहत अब नक्शे बनाने का काम चल रहा है।
श्री कौशल ने बताया कि प्रदेश में अब प्रॉपर्टी डीड बन रही है जिनको बाद में डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा।  हरियाणा में 6350 गांव लाल डोरे वाले है जिनमें आबादी है। उन्होंने बताया कि 1511 गांव की प्रॉपर्टी डीड बन चुकी है और 72 हजार 445 प्रॉपर्टी डीड डिस्ट्रीब्यूट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि लाल डोरे में जो मकान बने हैं उनके मालिकों को सरकार मलकियत देने जा रही है। इससे मकान मालिक खरीद-फरोख्त कर सकेंगे व बैंक से लोन भी ले सकेंगे। श्री कौशल ने बताया कि स्वामित्व योजना में गांव के साथ-साथ शहर का काम भी पूरा करेंगे। ये काम शहरों के विस्तार में गांव का रकबा शामिल होने से उनमें भी लालडोरा आ चुका है।
उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना को लेकर हरियाणा की विधानसभा में एक संशोधित कानून भी पारित करना होगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग और पंचायत विभाग में दो अलग-अलग एमेंडमेंट कानून लेकर आने होंगे। श्री कौशल ने कहा उससे पहले हमने एक ड्राफ्टिंग कमेटी गठित की है जो अपनी रिपोर्ट जल्द देगी। इस कमेटी में राजस्व विभाग के डायरेक्टर ,स्थानीय निकाय विभाग के डायरेक्टर जनरल और पंचायत विभाग के डायरेक्टर जनरल समेत 4 डीसी शामिल है। उन्होंने कहा ड्राफ्ट बनने के बाद उसको कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ई-भूमि पोर्टल के जरिए विकल्प देती है जिसके बाद भू-मालिक अपनी स्वेच्छा से जमीन दे सकते हैं। कौशल ने कहा जमीन मालिक खुद ही अपना रेट बताते हैं कि वह अपनी जमीन इस रेट में देना चाहते हैं। इसके बाद एक प्रक्रिया है और एक हाई लेवल कमेटी है जो जमीन लेने को तय करती है।

श्री कौशल ने ये भी बताया कि हरियाणा में एनीव्हेयर यानि कहीं से भी रजिस्ट्री हो सके इसको लेकर पूरी तैयारी कर ली है। स्वामित्व योजना में गांव के साथ-साथ शहर का काम भी पूरा करेंगे। कौशल ने कहा रजिस्ट्रेशन एक्ट 1960 भारत सरकार के तहत है और हम उसमें हम अमेंडमेंट लेकर आ सकते हैं लेकिन ये केंद्र सरकार का एक्ट है और उसके लिए मंजूरी हेतु राष्ट्रपति से स्वीकृति की जरूरत होती है। श्री कौशल ने कहा कि हरियाणा में कहीं से भी जमीन की रजिस्ट्री हो सके, उसमें अभी थोड़ा समय लगेगा

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