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पी के आर जैन वाटिका द्वारा डॉक्टर दयाशंकर विद्यालंकर आचार्य Consulate General Of India,Newyork द्वारा ऑनलाइन योग शिविर।

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Jun 22, 2020

पीकेआर जैन वाटिका अंबाला शहर  द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष में के प्रबंधन कमेटी स्टाफ तथा छात्रों को डॉक्टर दयाशंकर विद्यालंकर आचार्य कानसूलेट जनरलऑफ़ इंडिया न्यूयॉर्क संबोधित किया। अपने उद्घोष में डॉक्टर दयाशंकर बताया कि परम पिता परमात्मा ने
विश्व का कल्याण चारों वेदों की विद्या दे कर किया । उन्होंने कहा सुख प्राप्ति का एक ही साधन है और वह है योग । महर्षि पतंजलि को नमन करते हुए कहा कि उनके द्वारा योग दर्शन शास्त्र की रचना और उसमें कथित 155 सूत्रों लिखें गए। उन्होंने कहा कि पहला सूत्र मन को शांत रखने की उपाय बताता है। और मन कि 5 अवस्थाएं होती है जिनके बारे में अचार्य जी ने सूक्ष्मता से जानकारी दी । उन्होंने कहा के धर्म परोपकार द्वेष लोभ सारे विचार मन की अवस्था के अनुसार उत्पन्न होते रहते हैं । अवस्था को नियंत्रित करने के लिए हम लोग योग करते हैं । महर्षि पतंजलि जी के शास्त्र के अनुसार दुखों को खत्म करने हेतु और संसार में शांति स्थापित करने के लिए योग ही एकमात्र उपाय है । विश्व में शांति और कल्याण के लिए भारत ने संयुक्त राष्ट्र के सौजन्य से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की स्थापना की जिससे पुरे विश्व में सुख और शांति स्थापित हो सके । इस संकल्प की प्राप्ति के लिए विद्यालय अहम भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थी जीवन में भी योग का बहुत महत्व है । बच्चों में अनुशासन और अच्छी भावनाएं उत्पन्न करने के लिए योग के साथ जोड़ना बहुत जरूरी है । योग विद्या का अनुसरण करके ही हम सब समस्त बुराइयों से छूटकर शारीरिक मानसिक आत्मिक रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। योग जहां इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है वही हम सब को अनुशासित करता है। इसी के साथ आचार्य जी ने संसार में चार प्रकार के लोगों के बारे में बताया और उनके साथ अभी कैसा बर्ताव करना है इसके बारे में जानकारी भी दी । उन्होंने कहा कि हर्षित लोगों के साथ हमेशा का प्यार भाव रखना चाहिए और दुखी लोगों के साथ भी संवेदनशील रहना चाहिए और उनके प्रति करुणा का भाव रखना चाहिए। ताकि उनकी मदद कर सके। उन्होंने कहा जैसे कोरोना वैश्विक महामारी के समय भारत के लोगों ने हर राज्य में गरीब तथा मजबूर लोगों की मदद की है वह काबिले तारीफ है इसी के साथ विश्व के अन्य देशों की मदद भी भारत सरकार ने की है । आचार्य डॉक्टर दयाशंकर आचार्य डॉक्टर दयाशंकर विद्यालंकर ने सभी से आह्वान किया कि योगाभ्यास प्राणायाम को अपने जीवन में उतार कर हम बुराइयों तथा बीमारियों से मुक्त हो सकते हैं । इसके बाद डॉक्टर दया शंकर जी ने प्राणायाम तथा आसनों के बारे में विस्तार से बताया और करके भी दिखाएं। कार्यक्रम के अंत में पूरे पीकेआर जैन वाटिका स्कूल के प्रबंधन समिति , प्रिंसिपल स्टाफ तथा छात्रों को शुभकामनाएं दी।
प्रधानाचार्य उमा शर्मा अचार्य डॉ दयाशंकर विद्यालंकर जी का योग दिवस के अवसर पर उद्बोधन द्वार महत्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आभार व्यक्त किया ।

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