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परीक्षाओं की तलवार तले अभिभावक स्कूल फीस के लिए क्यों किए जा रहे मजबूर : चित्रा सरवारा

Byadmin

Sep 17, 2020


स्कूलों की असली ट्यूशन फीस का जायज़ा ले सरकार अध्यापकों की तनखा सुनिश्चित करे 
अम्बाला : कोरोना काल में अब हाफ इयरली एग्जाम के समय स्कूलों की ओर से मांगी जा रही संपूर्ण फीस के कारण परेशानी और भय झेल रहे अभिभावकों का दुख दर्द प्रशासन के संज्ञान में लाने के लिए हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री चित्रा सरवारा ने जिला शिक्षा अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर इस प्रकरण में तत्काल कार्रवाई करके अभिभावकों को राहत देने की गुहार की है। चित्रा सरवारा ने हरियाणा डैमोक्रेटिक फ्रंट के वरिष्ठ नेताओं के साथ जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर कहा कि स्कूल ट्यूशन फीस के साथ-साथ एडमिशन फीस की मांग कर रहे हैं जिसमें टयूशन फीस के अलावा अन्य शुल्क – एडमिशन फीस, सालाना फीस, कंप्यूटर शुल्क, बिल्डिंग शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क, स्पोर्ट्स शुल्क इत्यादि की मांग की जा रही है। 
एजुकेशन डिपार्टमेंट इस तथ्य को साफ-साफ बताएं कि कौन सी फीस स्कूल मांग सकता है और कौन सी फीस स्कूल नहीं मांग सकता है। अगर ये नीति के विरुद्ध है तो सभी स्कूलों को नोटिस जारी किया जाए कि परिक्षाओं के समय मे अभिभावक से उपरोक्त सभी शुल्क मांग कर परेशान न किया जाए। किसी भी अभिभावक और बच्चे को इन अतरिक्त शुल्क की वजह से परिक्षा में बैठने से तंग ना किया जाए ना ही किसी ऑनलाइन पढ़ाई के ग्रुप से बाहर किया जाए। 
उन्होंने मांग की कि डीईओ या शिक्षा विभाग अपना एमरजैंसी नंबर जारी करें ताकि अभिभावक अपनी समस्या सीधे शिक्षा विभाग तक पहुंचा सके और उस समस्या पर तुरंत शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चलते सुनने में आया है कि कईं स्थायी अध्यापक और अध्यापिकाओं को पूर्ण सैलरी नहीं मिलती, सिर्फ 50% या 33%  मिलती है और बहुत से अस्थायी, नॉन टीचिंग स्टाफ को कुछ स्कूलों ने अभी की लिये निलंबित कर दिया है यानि कि जब कोरोना की समस्या ठीक हो जाएगी तब आप आ सकते हैं और तभी आप को सैलरी मिलेगी I  इसलिए शिक्षा विभाग से यह गुजारिश है कि वह एक आर्डर निकाले जिसमें स्कूलों पर ऑडिट किया जाए कि वह अपने स्टाफ को कितनी सैलरी दे रहे हैं और असल में कितना स्टाफ अभी भी नौकरी में है। स्कूल की ट्यूशन फीस भी उसी पर निर्धारित हो I चित्रा सरवारा ने कहा कि इन समस्याओं और सुझावों पर विशेष ध्यान देते हुए स्कूलों तथा अभिभावकों के बीच मध्यस्था कर इसका जल्द से जल्द हल निकालें क्योंकि लगभग हर स्कूल के 6 माही परीक्षाएं सिर पर हैं और अभिभावक परेशान हैं।इस अवसर पर हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता गुलज़ार सिंह, वीरेन्द्र गांधी,सुरेश त्रेहन,दलीप चावला बिट्टू,विनोद धीमान,विकास वालिया,अविनाश,विजय गुम्बर,जय धीमानकोमल,विश्वनाथ यादव,मलकियतपवन बांगा,सुरिंदर शर्मा राजू इत्यादि उपस्थित रहे।

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