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दूसरे दिन भी धूमधाम से मनाया गया गंगा उत्सव, देश के कई शहरों में आयोजित किए गए कार्यक्रम।

Byadmin

Nov 4, 2020


अम्बाला, 4 नवम्बर:-

नमामि गंगे और जल शक्ति मंत्रालय के तत्वाधान में आयोजित किए गए तीन दिवसीय गंगा उत्सव कार्यक्रम का दूसरा दिन भी बहुत ही धूमधाम से मनाया गया। देश के कईं शहरों में आयोजित किए गये इस बारे में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी देते हुए केन्द्रीय सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं जल शक्ति राज्य मंत्री रत्न लाल कटारिया ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बॉलीवुड अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने रग रग में गंगा सीजन 1 में अपने काम करने के अनुभवों को साझा किया। वहीं गंगा गान तैयार करने वाले त्रिचुर बदर्स ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
गंगा उत्सव के दूसरे दिन की थीम यह रही कि नमामि गंगे के साथ मिलकर काम करने से उनके भीतर किस तरह के बदलाव आए हैं और मां गंगा के साथ उनका बंधन कितना अटूट हुआ है। इस सवाल के जवाब पर अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने रिचा अनिरुद्ध को बताया कि मैंने यह काम का पेशेवर के रूप में शुरू किया था, लेकिन समय बीतते मां गंगा के प्रति मेरे नजरिए में कई सार्थक बदलाव आए और ये मेरे लिए जीवन बदलने वाला अनुभव बन गया। अपनी बात में उन्होने आगे बताया कि रग राग में गंगा का पहला सीजऩ डीडी नेशनल द्वारा प्रसारित किया गया था और 3 महीने से कम समय में ही इस शो ने देशभर के 16 मिलियन से अधिक दर्शकों तक अपनी पहुँच बना ली। उन्होने बताया कि इस शो का मुख्य उद्देश्य भारत के लोगों को अपने समृद्ध इतिहास और संस्कृति के माध्यम द्वारा गंगा नदी से जोडऩा है।
आज गंगा उत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों के मंत्रियों और राज्यों के प्रमुखों ने वर्चुअल तरीके से शिरकत की। वीडियो कॉन्फ्रैसिंग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। जल शक्ति राज्यमंत्री रतन लाल कटारिया ने कार्यक्रम का उदघाटन कर कहा कि माँ गंगा की महिलाओं का वर्णन करने वाले इस गंगा उत्सव को देश भर में बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होने बताया कि फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के द्वारा आज न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग इस उत्सव से जुड़ रहे हैं। इन 6 सालों में यह कार्यक्रम आम जन के बीच इतना लोकप्रिय हो गया है कि लोग अलग अलग तरह से इससे जुड़ रहे हैं, युवा नदियों की स्वच्छता से जुड़ रहे हैं जोकि बहुत ही हर्ष का विषय है। वहीं कार्यक्रम में शामिल हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा मुझे उम्मीद है कि इस बार ज़्यादा से ज़्यादा लोग गंगा उत्सव में शामिल होकर जानकारी प्राप्त करेंगे और उसे अन्य लोगों से भी साझा करेंगे।
सद्गुरू जग्गी वासुदेव ने कहा कि गंगा उत्सव जैसी पहल लोगों को नदी से जोडऩे में बहुत ही महत्वपूर्ण हो सकती है। उन्होने कहा कि हमारी नई पीढ़ी को गंगा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पूर्ण रूप से समर्पित होने की जरूरत है ताकि हमारी आने वाली पीढिय़ां भी मां गंगा की भव्यता और महिमा को उसी तरह से जान सकें जैसी कि हमारे पूर्वज उन्हें जानते थे। गंगा डायलॉग सेगमेंट में पदम भूषण पर्यावरणविद् अनिल जोशी ने नदियों के महत्व और उन्हें संरक्षित करने के महत्व को समझाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को नदी से किसी भी तरह का लाभ नहीं होता लेकिन लोगों को ज़रूर होता है इसलिए उन्हें इसके संरक्षण में शामिल होने की जरूरत है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्रा भी इस बातचीत में शामिल हुए। इस दौरान उन्होने शहरों को जोडऩे लोगों को नदी संरक्षण कार्यक्रम से जोडऩे की आवश्यकताओं पर जोर दिया।
स्टोरी बाय गंगा सेगमेंट में प्रसिद्ध कथाकार नीलेश मिश्रा ने इस तरह से माँ गंगा पर आधारित कहानियों की प्रस्तुति दी कि जैसा लगा मानों वह सामने ही हों। कहानी जंक्शन में योर स्टोरी बैग की कहानियों ने दर्शकों को एकदम बांधे रखा। इस दौरान योर स्टोरी बैग से गरिमा और कमल ने कठपुतली शो के जरिये जल संरक्षण का एक अनमोल संदेश दिया। इसके अलावा लाइफ  इन अ रिवर वी शेयर दि सेम रिवर और दि रिवर ऑफ  टुमोरो जैसी शानदार कहानियाँ सोच बदल देने वाली रहीं।
गंगा उत्सव के दूसरे दिन का समापन कबीर कैफे के नीरज आर्य की रॉकिंग परफॉरमेंस के साथ हुआ। इस बैंड की खासियत रही है कि ये संत कबीर के गानों पर आज की आधुनिक शैली में परफार्म करते हैं। कार्यक्रम के मिनी गंगा क्वेस्ट प्रतियोगिता में अब तक 5000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। वहीं इसके फाइनल राउंड की नतीजे कल समापन समारोह में घोषित किए जाएंगे।
जानकारी देते हुए बताया गया कि कल राष्ट्रीय नदी दिवस परए कार्यक्रम का समापन जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में होगा। इसके अलावा कल सिंगर कैलाश खेर की परफॉरमेंस के साथ ही कई बड़ी योजनाओं का उदघाटन और ऐलान भी किया जाएगा। वहीं देशभर के कई अन्य जिलों में भी गंगा उत्सव कार्यक्रम के उपलक्ष्य में पौधरोपण अभियान ड्राइंग और पेंटिंग प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। जबकि वाराणसी में वॉक फॉर गंगा अभियान के साथ ही गंगा सफाई अभियान और गंगा शपथ का आयोजन किया गया।

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