• Mon. Jan 17th, 2022

डॉक्टर्स-डे पर डॉक्टर बोले कोविड-19 की रोकथाम के लिए वैक्सीन लगवा कर लोग करें सहयोग।

Byadmin

Jun 30, 2021


अम्बाला/शहजादपुर, 30 जून।          चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली सेवाएं समाज के कल्याण और उत्थान का सबसे अहम माध्यम है। डॉक्टर्स डे हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉक्टर्स को धरती पर भगवान का दर्जा दिया गया है। उन्हें जीवनदाता भी कहा जाता है। डॉक्टर्स ही हर परिस्थिति में अपना फर्ज निभाते हुए मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराते हैं। कोरोना महामारी के दौरान हमारे डॉक्टरों ने जो काम किया है, उनके इस कार्य की जितनी भी सराहना की जाए वह कम है। डॉक्टर्स डे पर कुछ डॉक्टरों से बातचीत की गई।
         पीएचसी धनाना के इंचार्ज डॉ. बलविन्द्र सिंह ने डॉक्टर दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी में यह जरूरी है सभी लोग सावधानियां रखे और कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में सहयोग करें। मास्क लगाकर, हाथों को बार-बार साबुन/पानी से धो कर या सेनिटाइज कर तथा भीड़-भाड़ से दूर रह कर ही कोविड-19 से बचा जा सकता है। लक्षण दिखाई देने पर अपना टैस्ट करवाये। 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोग वैक्सीन अवश्य लगवाये। उन्होंने कहा कि ऐसा करके लोग अपनी और दूसरों की स्वास्थ्य सुरक्षा कर पाएगेें।  
               पीएचसी पतरहेड़ी के इंचार्ज डॉ. विनोद सैनी का कहना है कि डॉक्टर दिवस भारत के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधानचंद्र रॉय को सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भी यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग वैक्सीन लगवाये और अपनी सुरक्षा के साथ-साथ कोरोना महामारी से दूसरे लोगों को भी सुरक्षित रखने में सहयोग करें। डॉक्टर दिवस पर यही लोगों से उनकी अपील है।
              डैंटल सर्जन डॉ. पूनम सैनी दांतों एवं कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरुक करती रहती हैं। दांतों की नियमित रूप से साफ-सफाई करने, तीन मास में टुथ ब्रश अवश्य चेंज करने और अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आता है तो वह ठीक होने के बाद अपना टुथ ब्रश अवश्य चैंज करें के बारे में भी लोगों को जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि मुहं और दांतों की सही प्रकार से साफ सफाई करके फंगस जैसे रोगों से बचा जा सकता है।
             पीएचसी भूरेवाला के इंचार्ज डॉ. मयंक ने डॉक्टर दिवस की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका सदैव यह प्रयास रहा है कि जो भी रोगी या पीडि़त व्यक्ति उनके पास आता है उसकी हर सम्भव मदद की जाए। कोविड-19 में लोगों को जागरूक करना ही बेहद महत्वपूर्ण कार्य रहा है। जिसमें लोगों का भी सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि लोग वैक्सीन लगवाकर सहयोग करें।
               डॉ. अल्पना ने कहा कि डॉक्टर की हमेशा यह कौशिश रहती है कि जो भी मरीज उनके पास आये उसकी बेहत्तर से बेहत्तर तरीके से उपचार कर उसकी स्वास्थ्य सुरक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की दूसरी वेव धीमी अवश्य हुई है लेकिन खतरा अभी टला नहीं है, इसलिए लोग सावधानीयों का पालन करें। उन्होंने कहा कि कई बार मरीज के परजिन भी मरीज की हालत को देख कर पैनिक हो जाते है और डॉक्टर से दुव्र्यवहार करने लगते है। डॉक्टर भी लोगों के बीच से ही है और लोगों को चाहिए कि वे डॉक्टर के साथ सदव्यवहार रखें जिससे वे अपना कार्य ओर अधिक बेहत्तर तरीके से कर पायें।
            शहजादपुर सीएचसी में तैनात डॉ. वैशाली मितल ने कहा कि उनका सदैव प्रयास रहता है कि लोगों को कोविड-19 के बारे में जागरूक किया जाए। इसके अलावा महिलाओं को उनके रोगों से सम्बंधी जानकारी देना और खास तौर पर किशोरियों को स्वास्थ्य सम्बंधी जानकारी देना रहता है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा किशोरावस्था में स्त्री रोगों के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर पर लोगों का जो विश्वास है उसे कायम रखने के लिए हम डॉक्टर्स की यह डयूटी बनती है कि हम जो भी मरीज हमारे पास आये उसका अच्छे से उपचार करें और सही सलाह दें।
             गौरतलब है कि डॉक्टर हमारे जिंदगी में बहुत ही खास रोल अदा करते है। डॉक्टर्स की तुलना भगवान से की जाती है। हमारी सेहत का ध्यान रखने के साथ ही वह हमें कई प्रकार की बीमारियों से भी दूर रखते है। वैश्विक महामारी कोरोना की प्रथम और दूसरी वेव के दौरान भी डॉक्टरों एवं पैरामैडिकल स्टाफ की कोशिशों से इस वेव को धीमी करने में मदद मिली है और लोगों की जीवन रक्षा तथा उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा हो पाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *