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डी.सी. ने अपने कार्यालय में बारिश के मौसम को देखते हुए किये गये और किये जा रहे प्रबन्धों को लेकर बुलाई अधिकारियों की बैठक

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Jun 7, 2021

मानसून के आने से पहले जिला प्रशासन के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में करें समुचित व्यवस्था–कहीं भी जल भराव या ठहराव नही आना चाहिए नजर–किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिये सम्बन्धित अधिकारी स्वंय होंगे जिम्मेदार:-उपायुक्त विक्रम सिंह।
–डी.सी. ने अपने कार्यालय में बारिश के मौसम को देखते हुए किये गये और किये जा रहे प्रबन्धों को लेकर बुलाई अधिकारियों की बैठक–समीक्षा के दौरान कहा कि जहां नजर आती है कमी, तुरंत प्रभाव से की जाये पूरी।
अम्बाला, 7 जून:-
 उपायुक्त विक्रम सिंह ने आज अपने कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण एवं बाढ़ रोकथाम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों ने जिला में पानी की निकासी के लिए बनी ड्रेनों एवं नालों की वर्तमान स्थिति और बारिश के दौरान ड्रेनों से होने वाले बरसाती पानी की निकासी के बारे में जानकारी दी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एस.ई. ने बैठक में बाढ़ संभावित क्षेत्रों तथा बाढ़ रोकथाम के लिए किए गये प्रबंधो की जानकारी दी। उन्होंने अम्बाला सदर क्षेत्र तथा अम्बाला शहर क्षेत्र में बरसाती पानी की निकासी से सम्बन्धित किए गये प्रबंधों के बारे में भी बताया। उपायुक्त ने बैठक में सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मानसून सत्र से पहले ड्रेनों व नालों की सफाई का कार्य शत-प्रतिशत हो, उसके लिये सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, नगर निगम/नगर परिषद व अन्य सम्बन्धित अधिकारी इस कार्य को बेहतर समन्वय के साथ जल्द करना सुनिश्चित करें ताकि बरसात के दिनों में पानी का भराव न हो और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी कहा कि सभी सम्बन्धित अधिकारी उनके विभाग के तहत जो डे्रन व नाले आते हैं, उन स्थानों का समय-समय पर निरीक्षण करते रहें। उनके विभाग द्वारा या अन्य विभाग द्वारा इस कार्य को किया जाना है, इसके लिये वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें ताकि ड्रेनों व नालों की सफाई कार्य में किसी प्रकार की कोई समस्या न आये। मीटिंग का उद्देश्य यही है कि मानसून सत्र से पहले सभी नालें एवं डे्रन सफाई व्यवस्था के मामले में दुरूस्त होनी चाहिए। नगर निगम तथा नगर परिषद के अधिकारियों से भी उन्होंने शहरी क्षेत्र में डे्रनों के सफाई व्यवस्था के लिये क्या रूपरेखा तैयार की गई है, इस बारे भी जानकारी ली। उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिन स्थानों पर पिछले वर्षों के दौरान पानी जमा होने की समस्याएं आयी थी, उन स्थानों पर पानी जमा न हो, इसके लिये व्यापक व्यवस्था पहले से ही करना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी कहा कि सिंचाई व अन्य विभागों के पम्प या अन्य उपकरण दुरूस्त होने चाहिए ताकि बरसात के दिनों में यदि आवश्यकता पड़ती है तो उन्हें प्रयोग में लाया जा सके। एनएचएआई के अधिकारियों को भी उन्होंने निर्देश दिये कि उनके क्षेत्र के तहत जहां पर नालों की सफाई व्यवस्था का कार्य है, उस कार्य को पहले से ही कर लें। मंजी साहिब गुरूद्वारा के पास दो नालों में पूरी व्यवस्था न होने के कारण जल भराव की बात सामने आई है। एनएचएआई के अधिकारी तुरंत मौका देखें और व्यवस्था को कार्यरूप में परिणत करें।
नगर निगम के अधिकारी ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि नगर निगम क्षेत्र के तहत नालों की सफाई व्यवस्था का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में इंको ड्रेन लगभग 4000 मीटर लम्बाई, सैशन ड्रेन लगभग 5000 मीटर तथा घेल ड्रेन लगभग 1200 मीटर है। घेल ड्रेन की सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है जबकि शेष दोनों ड्रेनों की सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। मानसून सत्र से पहले सभी नालों की सफाई व्यवस्था को पूरा कर लिया जायेगा।
नगर परिषद अम्बाला सदर के अधिकारी ने बैठक में उपायुक्त को बताया कि बारीश की तैयारियों को लेकर नगर परिषद, अम्बाला सदर के पांच बड़े नाले जिसमें गुडगुडिया नाला जिसकी लम्बाई लगभग 1000 मीटर, महेशनगर नाला लम्बाई लगभग 3500 मीटर, हाथी खाना मंदिर नाला लम्बाई लगभग 1800 मीटर, सैंटर नाला लम्बाई लगभग 1800 मीटर तथा बब्याल नाला लम्बाई लगभग 900 मीटर है। गुडगुडिया नाले की सफाई नगर परिषद अम्बाला सदर द्वारा अपने स्तर पर करवाई गई है जबकि शेष नालों की सफाई का ठेका अजय इन्टरप्राईजिज फर्म को दो माह के लिए दिया गया है और सम्बन्धित फर्म द्वारा 15-15 दिन के बाद बारी-बारी से दो माह तक 4 चरणों में नालों की सफाई करवानी है और एक बार सभी नालों की सफाई हो चुकी है। फर्म द्वारा नालों की सफाई के लिए जे.सी.बी. मशीन व पोकलेन मशीन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सदर क्षेत्र के छोटे नालों की सफाई नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों द्वारा की जा रही है जोकि एक बार सम्पूर्ण हो चुकी है।
नगर परिषद अम्बाला सदर के जिन निचले क्षेत्रों (न्यू लक्की नगर, अमन नगर, न्यू टैगोर गार्डन, शिवपुरी कालोनी, गणेश विहार, कीर्ति नगर, सत्संग विहार, बैंक कालोनी, पालम विहार तथा शांति नगर) में बरसाती पानी भरता है। उसको निकालने के लिए नगर परिषद अम्बाला सदर के पास 8 बिजली से चलने वाली छोटी मोटर तथा 2 डीजल पम्प उपलब्ध हैं इसके अतिरिक्त आवश्यकता पडऩे पर नहरी विभाग से भी डीजल पम्प मंगवाये जाते हैं। बाढ़ आदि से निपटने के लिए नगर परिषद के पास 11 टै्रक्टर-ट्रॉली, एक जे.सी.बी तथा एक डोजर है व रात के समय आपातकालीन से निपटने के लिए दो टै्रक्टर-ट्रॉली व 20 सफाई कर्मचारियों की डयूटी लगाई हुई है। उपायुक्त ने इस मौके पर औचक निरीक्षण और चल रहे कार्य की समीक्षा के लिये एक कमेटी भी बनाई, जो एसडीएम सचिन गुप्ता के मार्गदर्शन में कार्य करेगी और व्यवस्था को कार्यरूप देगी। किंगफिशर के पास नाले सम्बन्धी विषय को लेकर उन्होंने एनएचएआई के प्रोजैक्ट डायरेक्टर को निर्देश दिये कि वे मौके पर जाकर समीक्षा करें और आवश्यक कदम उठाएं। गांधी मैदान के पास पानी जमा होने सम्बन्धी विषय को लेकर भी उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बारिश से पहले समुचित व्यवस्था चाक चौबंद होनी चाहिए। पानी के ठहराव और जलभराव की समस्या न हो, इसके लिये पूरी व्यवस्था की जानी लाजमी है। उन्होंने बैठक में उपस्थित नगर निगम के अधिकारियों को कहा कि पम्पों की व्यवस्था पर्याप्त रूप में होनी चाहिए और यदि पम्पों की और जरूरत है तो इसके लिये वे टैंडर लगा सकते हैं ताकि जनता को कोई परेशानी न हो।
बैठक में एसडीएम सचिन गुप्ता, जिला परिषद के डिप्टी सीईओ अनुराग ढालिया, प्रोजैक्ट डायरेक्टर एनएचएआई वीरेन्द्र सिंह, डीआरओ राजबीर धीमान,  डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डीडीपीओ रेनू जैन, ईओ एम.सी. सिटी जरनैल सिंह, अधीक्षक अभियंता ए.के. रघुवंशी, एक्सईएन प्रवीण कुमार, एक्सईएन जिनेश गुप्ता, अधीक्षक अभियंता अशोक शर्मा, एक्सईएन विकास धीमान, विनोद बैनीवाल सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बॉक्स:- सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता ने उपायुक्त को अवगत करवाते हुए कहा कि सिंचाई विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी डे्रनों की साफ-सफाई का कार्य 30 जून से पहले पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि डे्रनो की सफाई का कार्य मनरेगा और विभाग के माध्यम से करवाया जा रहा है। उन्होने यह भी बताया कि विभाग के पास 12 शॅार्ट टर्म के कार्य मंजूर हैं, जिनमें से 7 पूरे कर लिये गये हैं। उपायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बरसात से पहले वे अपने विभाग के द्वारा ड्रेनों व नालों से सम्बन्धित जो भी कार्य किये जाने हैं, उन्हें पूरा करना सुनिश्चित कर लें। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही सहन नही की जायेगी।
बॉक्स:- सिंचाई विभाग के अधीक्षक अभियंता ने बताया कि विभाग के पास कुल 44 डीजल पम्पिंग सैट हैं, जिनमें से 10 इलेक्ट्रिकल पम्पिंग सैट हैं, कुल में से 10 डीपी सैट रिपेयर के लिये दिये गये हैं। सम्बन्धित डे्रनो और नालों से गाद निकालने का काम जारी है। डी.सी. ने इस पर कहा कि गाद निकालने के बाद गाद वहीं नही पड़ी रहनी चाहिए बल्कि तुरंत प्रभाव से उठाने की व्यवस्था भी की जानी लाजमी है। अधीक्षक अभियंता ने यह भी बताया कि महेशनगर ड्रेन और बब्याल पम्प हाउस तथा गंदा नाला पम्प हाउस गांव नग्गल में फिक्स्ड पम्प सैट की व्यवस्था है। बारिश के मौसम को देखते हुए विभाग द्वारा पर्याप्त तैयारियां हैं।

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