• Sat. Oct 16th, 2021

छुट्टी लेकर घर बैठने की बजाये सेवाभाव को देती हूं प्राथमिकता:-गुरबीर कौर।

Byadmin

Jun 9, 2021

एलएचवी गुरबीर कौर की रिटायरमैंट है आगामी 30 जून को–400 से अधिक छुट्टिïयां पड़ी हैं बकाया–फिर भी कोरोना काल में लोगों को वैक्सीनेट कर प्रस्तुत कर रही है प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण–ऐसे कोरोना योद्घाओं से सेवा की सीख लेने की जरूरत।
–छुट्टी लेकर घर बैठने की बजाये सेवाभाव को देती हूं प्राथमिकता:-गुरबीर कौर।
अम्बाला 9 जून:-
 जब जहन में सेवा और कत्र्तव्य परायणता का जज्बा जनुन बनकर उभरता है तो सेवा की सोच और मजबुत होने लगती है तो बडे-बडे लक्ष्य भी बोने नजर आते है। कोरोना काल में डॉक्टर्स, नर्सें, एलएचवी सहित सफाई कर्मी फ्रंटफुट पर लड़ाई लड़ रहे हैं। ऐसे ही कोरोना योद्घाओं में एक है एलएचवी गुरबीर कौर, जिनकी रिटायरमैंट 30 जून को होनी है, 400 से अधिक छुट्टियां बकाया पड़ी हैं लेकिन सेवा के जज्बे को शिखर तक ले जाते हुए किसी प्रकार की छुट्टïी न लेकर वैक्सीनेशन के कार्य में लगी हुई हैं। वर्ष 2016 से एलएचवी के पद पर पदोन्नत होने उपरांत एमसीएच-1 जगाधरी गेट में सेवाएं दे रही हैं। स्टाफ की कमी के मद्देनजर सिविल सर्जन डा0 कुलदीप सिंह व सम्बन्धित उच्च अधिकारी डा0 अदिति के निर्देशानुसार कोविड वैक्सीन लगाने के दृष्टिïगत विश्ेाष रूप से आईटीआई में तैनात किया गया है और अपनी सेवाएं निरंतर दे रही हैं।
हालांकि रिटायरमैंट की तिथि को देखते हुए छुट्टियां भी ले सकती है, काफी छुट्टिïयां बकाया होने के बावजूद भी सेवा भाव और कर्तव्यपराणयता के साथ काम कर रही हैं। जब इस विषय को लेकर एलएचवी गुरबीर कौर से बात की गई तो उन्होंने बहुत ही शालीन और सरल लहजे में बताया कि डयूटी तो हमारे नौकरी में निहित है और पिछले 36 साल से सेवा में लगी हुई हूं और अब जब कोरोना काल में डॉक्टरों, पैरा मैडिकल स्टाफ की बहुत जरूरत है और ऐसे में मैं छुट्टïी लेकर घर बैठक जाउं, ऐसा मुझे ठीक नही लगा, आगामी 30 जून को मेरी रिटायरमैंट है लेकिन मैं निरंतरता में सेवा में लगी हूं। जून 1985 में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी ज्वाईन की।
अम्बाला की लगभग सभी आंगनवाडिय़ों में बतौर एएनएम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की, उनका मार्गदर्शन किया, उनको अच्छा स्वास्थ्य बनाये रखने के दृष्टिïगत जागरूक भी किया और महिलाओं व बच्चों को जारी निर्देशों की अनुपालना में टीकाकरण भी किया। सेवा के दौरान मेरे प्रयासों से किसी को राहत मिले और स्वास्थ्य ठीक हो, इससे बड़ी बात कोई हो ही नही सकती। मेरे प्रयासों के चलते लक्ष्य बौना नजर आता है। यह हमारी संस्कृति में सम्माहित संस्कारों, सामाजिक और नैतिक मूल्यों की सीख और सोच का परिणाम है। एलएचवी गुरबीर कौर ने बताया कि उनको कोविशिल्ड की दोनो वैक्सीन लग चुकी हैं और कोरोना काल में कोरोना वायरस उनको छू तक नही सका, इसका श्रेय वे परमपिता परमात्मा को देती है। एक समय में जब उनका गृह क्षेत्र सैक्टर 9 कंटेनमैंट जोन के तहत सील किया हुआ था, बिना किसी भय के अपनी डयूटी पर जाती रही, यह अन्य के लिये भी प्रेरणादायक रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *