• Tue. Aug 9th, 2022

गृह मंत्री अनिल विज ने बब्याल में ‘अमर शहीद लक्ष्मण सिंह स्मृति द्वार’का उद्घाटन किया

Byadmin

Feb 18, 2022

गृह मंत्री अनिल विज ने बब्याल में ‘अमर शहीद लक्ष्मण सिंह स्मृति द्वार’का उद्घाटन किया

गृह मंत्री अनिल विज के प्रयासों से शौर्य चक्र विजेता शहीद लक्ष्मण सिंह को उनके पैतृक क्षेत्र बब्याल में मिली पहचान

‘शहीदों को सम्मान देना मेरा परम कर्तव्य, उन्हीं की बदौलत आज देश महफूज’ : अनिल विज

4.31 लाख रुपए की लागत से बने स्मृति द्वार को अमर शहीद लक्ष्मण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर जनता के समर्पित किया गया

अम्बाला, 18 फरवरी
हरियाणा के गृह मंत्री श्री अनिल विज ने शुक्रवार को बब्याल में शौर्य चक्र विजेता अमर शहीद लक्ष्मण सिंह जी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी याद में बनाए गए ‘अमर शहीद लक्ष्मण सिंह जी स्मृति द्वार’ का रिब्बन काटकर उद्घाटन किया। श्री विज ने इस अवसर पर कहा कि ‘शहीदों को सम्मान देना मेरा परम कर्तव्य है और उन्हीं की बदौलत देश महफूज है’। मौके पर शौर्य चक्र विजेता शहीद की धर्मपत्नी मीणा कुमारी के अलावा उनके सुपुत्र अजीत राणा व रजत राणा सहित भाजपा कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में बब्याल के निवासी मौजूद थे

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि बीते वर्ष उन्हें जानकारी मिली थी कि शौर्य चक्र विजेता अमर शहीद लक्ष्मण सिंह जी की स्मृति में परिवार के सदस्य बब्याल में स्मृति द्वार का निर्माण करना चाहते हैं और इस मांग पर तत्काल प्रभाव से मंजूरी देते हुए निर्माण कार्य को बीते वर्ष शहीद की पुण्यतिथि के दिन प्रारंभ कराया गया था। नगर परिषद अम्बाला सदर के माध्यम से स्मृति द्वार का निर्माण कार्य 4.31 लाख रुपए की लागत से पूरा किया गया है। बब्याल राजकीय स्कूल के ठीक पास स्मृति द्वार बनने से अब क्षेत्र के वासी शहीद लक्ष्मण सिंह जी के बारे में जान सकेंगे। शहीद लक्ष्मण सिंह जी कैसे शहीद हुए इसका पूरी जानकारी भी स्मृति द्वार पर दर्ज की गई है ताकि आने वाले पीढ़ियां उनकी बहादुरी की दास्तां को जान व पहचान पाएंगी। गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला वीर सैनिकों की धरती है और यहां के जांबाज सैनिकों ने देश की ओर आंख उठाने वाले दुश्मनों के दांत सदैव खट्टे किए हैं। इस अवसर पर भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष किरणपाल चौहान के अलावा मदनलाल शर्मा, नरेंद्र राणा, अनिल मेहता, संजीव शिशोदिया, दीपा, जग्गी कलरहेड़ी, भारत कोछड़, विकास जैन, परमिंद्र शर्मा, अत्री एवं अन्य मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश पर अब कोई आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं रखता : अनिल विज

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि भाजपा सरकार सदैव भारत मां के अमर सपूतों को शत-शत नमन करती हैं। चाहे रेगिस्तान में तपती गर्मी हो या सियाचिन की सर्दी, हमारे वीर-जवान दिन-रात भारत मां की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। भारत का हर नागरिक इन वीर सैनिकों, देश पर कुर्बान होने वाले शहीदों और उनके परिवारों को सलाम करता है। उन्होंने ने कहा कि सरहद पर आतंकवादियों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का कड़ा रवैया सराहनीय है। आतंकवादियों के खिलाफ जिस तरह मोदी सरकार ने सख्ती दिखाई है, इससे देश के सैनिकों का मनोबल काफी बढ़ा है। पहले सर्जिकल स्ट्राइक और फिर बालाकोट एयर स्ट्राइक ने साबित कर दिया कि कुशल नेतृत्व हो तो देश का सैनिक दुश्मन को उसके घर में घुसकर मार सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सकुशल नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में है और देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है।

’जब गृह मंत्री अनिल विज ने हाथ जोड़े तो शहीद की पत्नी की आंखों से झलक पड़े आंसू’

अमर शहीद शौर्य चक्र विजेता लक्ष्मण सिंह की याद में बनाए गए स्मृतिद्वार का उद्घाटन अवसर शहीद की पत्नी मीणा कुमारी परिवार के साथ मौजूद थी। गृह मंत्री अनिल विज ने उद्घाटन के बाद जब शहीद की पत्नी मीणा कुमारी को हाथ जोड़कर नमन किया तो शहीद की पत्नी की आंखों से आंसू झलक गए। मीणा कुमारी ने गृह मंत्री अनिल विज का आभार व्यक्त किया और नम आंखों से धन्यवाद जताया। मौके पर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी गृह मंत्री विज का आभार जताया।

बीते वर्ष 18 फरवरी गृह मंत्री के निर्देशों पर शुरू हुआ था स्मृति द्वार का निर्माण कार्य

गौरतलब है कि गृह मंत्री अनिल विज के निर्देशों पर ही बीते वर्ष 18 फरवरी को अमर शहीद लक्ष्मण सिंह जी की पुण्यतिथि के अवसर पर स्मृतिद्वार के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया था। लक्ष्मण सिंह रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन का हिस्सा जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स में बतौर ओईएम पद पर तैनात थे। उनकी तैनाती वर्ष 2005 में विक्षम परिस्थितियों वाले खरदूंगला दर्रे पर थी, 18 फरवरी 2005 में हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे और बर्फ में दब गए थे। इस घटना के बाद 4 जुलाई 2005 को उनका शव सेना ढूंढ सकी थी। वर्ष 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम आजाद ने शहीद लक्ष्मण सिंह के मरणोपरांत उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया और यह सम्मान उनकी पत्नी मीणा कुमारी को सौंपा गया था। सम्मान हासिल करने के कई वर्षों बाद शहीद को अपने ही शहर में पहचान नहीं मिल सकी थी और अब गृह मंत्री अनिल विज के प्रयासों से शहीद की याद में स्मृतिद्वार का निर्माण कर उन्हें पहचान दिलाने का कार्य किया जा सका है।

3 thoughts on “गृह मंत्री अनिल विज ने बब्याल में ‘अमर शहीद लक्ष्मण सिंह स्मृति द्वार’का उद्घाटन किया”
  1. Good write-up, I am normal visitor of one’s site, maintain up the nice operate, and It is going to be a regular visitor for a lengthy time.

  2. I would like to thank you for the efforts you have put in writing this website. I am hoping the same high-grade website post from you in the upcoming as well. In fact your creative writing abilities has inspired me to get my own website now. Really the blogging is spreading its wings fast. Your write up is a good example of it.

Leave a Reply

Your email address will not be published.