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गांव बरौली में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लगाया गया किसान प्रशिक्षण शिविर–किसानों को दी गई कम पानी में पैदा होने वाली फसलों की जानकारी।

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Jun 16, 2021


अम्बाला/नारायणगढ़, 16 जून।
  कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ब्लॉक नारायणगढ़ के गांव बरौली में घटते भू-जल व भू-जल स्तर को देखते हुए धान कि सीधी बिजाई को बढ़ावा देने के लिए किसान प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया। कैंप में एस0एम0एस0 (टी0 अण्ड आई0) डॉ0 उदयभान अम्बाला, उपमण्डल कृषि अधिकारी नारायणगढ डॉ0 रोशन लाल, बी0टी0एम0 (ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर) सुखबीर कौर, ए0टी0एम0 (एसिस्टैंट टेक्निकल मैनेजर) तेजवीर सिंह, एग्रीकलचर सुपरवाईजर, नारायणगढ़  उपस्थित रहे।
एस0एम0एस0/विषय विशेषज्ञ (टी0 अण्ड आई0) डॉ0 उदयभान अम्बाला ने किसानों को धान की सीधी बिजाई (डी0एस0आर0) करने के बारे में बताया। उन्होंने किसानों को धान की सीधी बिजाई (डी0एस0आर0) से होने वाले फायदे व पानी कि बचत के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि धान कि सीधी बिजाई करने से किसानों को फसल में लागत कम व पैदावार ज्यादा मिलती है। इसके साथ ही पानी की खपत बहुत कम होती  है। हरियाणा में घटते भू-जल व भू-जल स्तर को देखते हुए किसानों से अपील करते हुए कहा कि पानी की कम खप्त करने वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।  
उपमण्डल कृषि अधिकारी नारायणगढ़  डॉ0 रोशन लाल ने किसानों को बताया कि धान की सीधी बिजाई (डी0एस0आर0) करवाने पर किसानों को कई तरह से फायदे है जैसे कि धान की सीधी बिजाई (डी0एस0आर0) कम खर्च पर होती है व फसल पर कम लागत आती है। फसल की पैदावार ज्यादा आती है। इसमें सबसे बड़ी बात तो यह है कि पानी की खपत बहुत कम होती है। उन्होंने किसानों को विभाग द्वारा चलाई जा रही ’’मेरा पानी मेरी विरासत’’ स्कीम के बारे में बताते हुए किसानों से अपील करते हुए कहा कि घटते भू-जल व भू-जल स्तर को देखते हुए विभाग ने पानी की खपत कम करने वाली फसलों को उगाने पर सरकार द्वारा 7000 रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि के तौर दिये जा रहे हैं।
         उन्होंने किसानों को कहा की  फसलो में मक्का, कपास, तिल, मुगंफली व दलहन आदि उगाकर सरकार द्वारा चलाई जा रही  ’’मेरा पानी मेरी विरासत’’ स्कीम का ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसान लाभ प्राप्त करें व सरकार द्वारा चलाई गई पानी को बचाने कि इस मुहिम से जुडक़र ज्यादा से ज्यादा पानी को बचायें। अपने साथी किसानों को इसके बारे में जागरूक करें व फसल का ’’मेरी फसल मेरा ब्यौरा’’ एवं ’’मेरा पानी मेरी विरासत’’ पोर्टल पर प्रति एकड़ फसल का पंजीकरण जरूर करवाने बारे बताया ताकि किसान अपनी फसल को सरकारी खरीद पर बेचकर फसल के सही मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकें

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