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क्या नगर निगम की अगली बैठक में सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर का निर्वाचन होगा ?

Byadmin

Aug 7, 2021

चुनाव करवाना नगर निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी, 5 महीने का हो चुका है विलम्ब – हेमंत

चंडीगढ़ – अम्बाला नगर निगम सदन की अगली बैठक जो अगले कुछ दिनों में बुलाई जाने की खबरें आ रही है, क्या उस  बैठक में नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का निर्वाचन हो पायेगा, अभी इस सम्बन्ध में कुछ नहीं कहा जा सकता.
सात  महीने पूर्व  14 जनवरी 2021 को    नगर निगम की  पहली सीधी  निर्वाचित  और प्रथम महिला मेयर शक्ति रानी शर्मा  और निगम क्षेत्र के 20 वार्डो से निर्वाचित नगर निगम सदस्य (जिन्हे  पार्षद/कौंसलर कहते है हालांकि यह शब्द कानून में नहीं हैं ) को अंबाला मंडल की तत्कालीन आयुक्त दीप्ति उमाशंकर द्वारा  पद और निष्ठा  की शपथ  द्वारा दिलवाई गई थी. इसके बाद नगर निगम की एक ही बैठक  फरवरी माह में हुई थी जिसकी हालांकि तारिख मेयर और तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर पार्थ गुप्ता की आपसी तनातनी के कारण दो तीन बार  बदलनी पड़ी थी.

 मेयर  शक्ति रानी की पार्टी हजपा (वी) के वैसे तो 7 नगर निगम सदस्य (पार्षद) निर्वाचित हुए थे हालांकि शपथग्रहण के दिन ही कांग्रेस के वार्ड 5 से जीते राजेश मेहता भी उनके  खेमे में चले गए. वहीं भाजपा के 8 , एचडीएफ के दो और  कांग्रेस के भी अब दो नगर निगम सदस्य बचे हैं. ऐसे  कयास लगाए जा रहे हैं कि  हजपा(वी) और भाजपा दोनों पार्टियां सीनियर डिप्टी और डिप्टी मेयर के चुनाव  में अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए विपक्षी सदस्यों को अपने खेमे में करने के लिए अंदर ही अंदर प्रयासरत हैं.

 बहरहाल, शहर निवासी  हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने बताया कि  सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का निर्वाचन 20 नगर निगम सदस्यों  द्वारा एवं उनमें से ही किया जाएगा हालांकि इसमें मेयर का भी एक वोट होगा. इस चुनाव  में वोटों की बराबरी की परिस्थिति में मेयर का निर्णायक मत (कास्टिंग वोट ) नहीं होगा.

 उक्त दोनों पदों के लिए  चुनाव करवाने की समय सीमा का उल्लेख  नगर निगम निर्वाचन नियमावली, 1994 के नियम संख्या 71(2 ) में  है जो नगर निगम के आम चुनावों के नतीजों राज्य  चुनाव  आयोग द्वारा  निर्वाचित मेयर और सदस्यों की गजट नोटिफिकेशन के  60 दिनों के भीतर निर्धारित है. चूंकि 1 जनवरी 2021 को आयोग द्वारा उनके नाम नोटिफाई कर प्रकाशित दिए  गए अत: उक्त दोनों पदों के लिए चुनाव  मार्च, 2021 तक हो जाना चाहिए था जो बेशक किसी भी कारण से नहीं हो पाया   एवं इसमें पांच महीने से ऊपर का   विलम्ब हो गया है.  

हेमंत ने यह भी बताया कि उक्त दोनों पदों के लिए चुनाव करवाने की  जिम्मेदारी पूर्णतया  अंबाला नगर निगम कमिश्नर धीरेन्द्र खड़गटा  की है जो 48 घंटे का नोटिस देकर इस सम्बन्ध में नगर निगम सदन की विशेष बैठक बुला सकते हैं हालांकि उस बैठक की अध्यक्षता मेयर द्वारा की जायेगी.  अब क्या कमिश्नर  नियमानुसार उक्त चुनाव करवाने हेतु अपना  कर्तव्य पालन करते हैं या नहीं, यह  समय ही बताएगा ?  

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