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कोरोना वायरस से जारी जंग में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर निभा रहे है कोरोना योद्धा की भूमिका।

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May 27, 2021

डॉक्टर बोले संकट की इस घड़ी में हमें अपने आराम की नहीं फर्ज निभाने की है जरूरत।
अम्बाला-शहजादपुर, 27 मई।            कोरोना वायरस से जारी जंग में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर निभा रहे है कोरोना योद्धा की भूमिका। अपनी सेवायें देकर लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की भी देख भाल कर रहे है। कोरोना का डर तो सभी को है, लेकिन डयूटी प्रथम मानकर सभी अपनी-अपनी डयूटी को पूरी गम्भीरता और तत्परता के साथ निभा रहे है। इतना ही नहीं डयूटी के दौरान सावधानी भी रखी जाती है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों से जब इन दिनों की डयूटी को लेकर बात की गई तो सभी ने यह बात कही कि उनके लिए डयूटी पहले है-
                       एसएमओं डॉ. तरूण प्रसाद के नेतृत्व में सीएचसी शहजादपुर क्षेत्र में कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व पैरामैडिकल स्टाफ पूरी निष्ठा एवं लगन के साथ काम कर रहे है। एसएमओं ने कहा कि वे स्वयं कंटेनमैंट जोन, कोविड केयर सैंटर और गांव स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए चलाई जा रही गतिविधियों का मौके पर जाकर निरीक्षण करते है।
             उन्होंने बताया कि लोगों को कोविड-19 रोग से घबराने की नहीं अपितू सवाधानी रखने की जरूरत है। आप जितनी अधिक सावधानी रखेगें उतना अधिक कोरोना आपसे दूर रहेगा। ऐसे समय जब कोरोना वायरस का डर है और सावधानीपूर्वक डयूटी करना बेहद आवश्यक है। कोरोना योद्धा की संज्ञा पाकर मन प्रफलित हो जाता है। लोगों को बताया जा रहा है कि जब उनका इम्यून सिस्टम मजबूत होगा तो रोग से लडऩे की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा। उन्होने कहा कि संतुलित खानपान के साथ योग करने से भी इम्यूनिटी बढती है। इस बारे में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
                    शहजादपुर सीएचसी में तैनात होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डा. पल्लवी राणा ने कहा कि इन दिनों लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के साथ-साथ उन्हें कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर इस वैश्विक बिमारी की गिरफ्त में आने से बचे। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए लोगों को होम्योपैथिक एवं आर्युवैदिक जड़ी बुटियों एवं दवाईयों के बारे में बताया जा रहा है।
          उन्होंने कहा कि जहां भी उनकी डयूटी लगाई जाती है उसे बखूबी निभाया जाता है। उन्होंने माना कि कोरोना वायरस का डर तो है, इसीलिए वे जब घर जाती है तो सही प्रकार से हैंडवॉश कर ही अंदर जाती है। कोरोना के संकट काल में परिजनों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।    
      डा. मोनिका डैंटल सर्जन जोकि शहजादपुर सीएचसी में तैनात है, का कहना है कि कोरोना वायरस से जागरूकता से जंग जीती जा सकती है और लोगों को जागरूक करने में काफी हद तक कामयाबी भी मिली है लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग है जो इसे हलके में ले कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताई जा रही सावधानियों एवं हिदायतों की अनदेखी कर रहे है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब कोरोना वारियर्स की संज्ञा दी जाती है तो काम करने का जज्बा व जोश ओर अधिक बढ जाता है। उन्होंने कहा कि प्रथम वेव में डर ज्यादा था लेकिन दूसरी वेव में सतर्कता एवं सावधानी रख कर डयूटी कर रहे है। जिसमें परिजनों का पूरा साथ मिल रहा है।
                    सीएचसी शहजादपुर में तैनात डॉ. वैशाली मितल का कहना है कि ग्रामीण परिवेश में उनकी डयूटी है और ग्रामीण लोगों को शुरूआत के दौर में कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने में थोड़ी दिक्कत अवश्य आई लेकिन अब सब लोग समझ चुके है कि इस वैश्विक महामारी से सोशल डिस्टेंसिगं का ध्यान रख कर, मास्क पहनकर व बार-बार साबुन एवं पानी से हाथ धोकर ही बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में लक्षण दिखाई देते हुए उनकी सैम्पलिंग भी करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि घर की जिम्मेवारी के साथ-साथ कोविड-19 के संकट काल में डयूटी को पूरी तत्परता और गम्भीरता से किया जा रहा है। दोहरी जिम्मेवारी को निभाने में परिजनों का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज संकट की घड़ी है और ऐसे में डॉक्टर होने के नाते हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने आराम को न देखकर लोगों की कोरोना वायरस से स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए ध्यान दें। जिसमें सभी डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी जीजान से जूटे हुए है।
        डॉ. अभय गुप्ता जोकि लगभग 2 मास पहले कोरोना पॉजिटिव हो गये थे और ठीक होने के बाद आज भी सभी नियमों का कड़ाई से पालन कर रहे है, चाहे मास्क लगाने की बात हो या अन्य नियमों की। डॉ. अभय गुप्ता कहते है कि वे अभी अविवाहित है। घर में मां और बहन है। डयूटी के बाद ऐसे में वे जब घर जाते है तो पूरा ध्यान रखते है। अपने कपड़े स्वयं धोते है, घर में भी मास्क लगाते है और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते है। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय में वे डयूटी को डयूटी के साथ-साथ समाज सेवा के रूप में कर रहे है। इस समय समाज को डॉक्टरों की विशेष जरूरत है और वे अपने फर्ज से पीछे नहीं हटेगें।

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