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कोरोना महामारी से अनाश्रित हुए बच्चों हेतु मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू:-सांसद नायब सिंह सैनी।

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Jun 7, 2021


योजना में हरियाणा सरकार द्वारा 18 वर्ष तक 2500 रूपये प्रति बच्चा प्रति मास–बिना परिवार के बच्चों की देखभाल करने वाले बाल देखभाल संस्थान को 1500 रूपये प्रति बच्चा प्रति महीना 18 वर्ष की आयु तक–अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा।
–हरियाणा सरकार द्वारा 18 वर्ष तक पढ़ाई के दौरान 12000 रूपये प्रति वर्ष अन्य खर्चो के लिए–हरियाणा सरकार द्वारा 8वीं से 12वीं या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढऩे वाले बच्चों को टेबलेट की सुविधा का प्रावधान।
अम्बाला/नारायणगढ़, 7 जून:- 
हरियाणा सरकार की कोरोना महामारी से अनाश्रित हुए बच्चों हेतु मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा के लिए नजदीकी केन्द्रीय विद्यालय/निजी स्कूल में डे-स्कोलर के रूप में दाखिले का प्रावधान किया गया है। यह जानकारी कुरूक्षेत्र से सांसद नायब सिंह सैनी ने गांव मिर्जांपुर माजरा स्थित अपने निवास पर आये लोगों की समस्याएं सुनते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत निजी स्कूल में दाखिला हेतु पी.एम. केयर्स से आर.टी.ई. के तहत फीस, वर्दी, पाठ्यपुस्तकों व नोटबुक की सुविधा का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार 11 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए स्कूली शिक्षा के लिए किसी भी आवासीय विद्यालय जैसे सैनिक स्कूल, नवोदय विद्यालय इत्यादि में दाखिला। निजी स्कूल में दाखिला हेतु पी.एम.केयर्स से आर.टी.ई के तहत फीस, वर्दी, पाठ्यपुस्तकों व नोटबुक की सुविधा। दादा-दादी या विस्तारित परिवार को देख-रेख में रहने वाले बच्चे को निकटतम केन्द्रीय विद्यालय या निजी स्कूल में डे-स्कोलर के रूप में दाखिला। उच्च शिक्षा के लिए सहायता के तहत भारत में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों/उच्च शिक्षा हेतु शिक्षा ऋण दिलाने में बच्चे की मदद के साथ-साथ ऋण के ब्याज का भुगतान पी.एम.केयर्स द्वारा होगा। विभिन्न योजनाओं के तहत ऐसे बच्चों को स्नातक/व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के शिक्षा शुल्क/पाठ्यक्रम शुल्क के बराबर छात्रवृति। जो बच्चे मौजूदा छात्रवृति योजनाओं के तहत पात्र नहीं है उनके लिए पी.एम. केयर्स द्वारा समकक्ष छात्रवृति सुविधा। स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत ऐसे सभी बच्चों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा, 18 वर्ष की आयु तक के इन बच्चों के प्रीमियम की राशि का भुगतान पी.एम. केयर्स द्वारा किया जायेगा।
बच्चे के नाम पर सावधी जमा (फिक्स डिपॉजिट) के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर पी.एम. केयर्स द्वारा 10 लाख रूपये का कोष, 18 वर्ष की आयु से अगली 5 वर्षों तक उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान मासिक वित्तीय सहायता/छात्रवृति तथा 23 वर्ष की आयु पूरी करने पर बच्चे को व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग हेतु एकमुश्त राशि।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में हरियाणा सरकार की घोषणायें की गई हैं। हरियाणा सरकार द्वारा 18 वर्ष तक 2500 रूपये प्रति बच्चा प्रति मास। बिना परिवार के बच्चों की देखभाल करने वाले बाल देखभाल संस्थान को 1500 रूपये प्रति बच्चा प्रति महीना 18 वर्ष की आयु तक। अन्य पूरा खर्चा बाल देखभाल संस्थान द्वारा वहन किया जाएगा। हरियाणा सरकार द्वारा 18 वर्ष तक पढ़ाई के दौरान 12000 रूपये प्रति वर्ष अन्य खर्चो के लिए। हरियाणा सरकार द्वारा 8वीं से 12वीं या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में किसी भी कक्षा में पढऩे वाले बच्चों को टेबलेट की सुविधा का प्रावधान।
प्रदेश के 25 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में किशोरियों के लिए आवासीय शिक्षा मुफ्त। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51000 रूपये की राशि किशोरियों के बैंक खातों में डाली जायेगी यह राशि विवाह के समय उन्हें ब्याज सहित मिलेगी। उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी के लिए राज्य हेल्पलाइन नम्बर 8558893911 (सम्पूर्ण राज्य के लिए) व 1075 (गुरूग्राम व फरीदाबाद को छोडक़र) पर सम्पर्क किया जा सकता है।

37 thoughts on “कोरोना महामारी से अनाश्रित हुए बच्चों हेतु मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू:-सांसद नायब सिंह सैनी।”
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