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कृषि विज्ञान केन्द्र, तेपला अम्बाला में इफ को एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय पोषण दिवस आयोजित

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Sep 17, 2020


अम्बाला, 17 सितम्बर:-
कृषि विज्ञान केन्द्र तेपला अम्बाला में इफ को एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय पोषण दिवस का आयोजन किया गया। इसमें 50 आगंनवाड़ी कार्यकर्ता एवं 150 ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के आरम्भ में डा.उपासना सिहं, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्-अटारी-जोधपुर के निर्देशन में सितम्बर महिने को राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है जिसमें अन्र्तगत जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, करके सीखो पद्धति पर पोषण वाटिका की ले-आऊट योजना, बच्चों, किशारियों एवं महिलाओं में कुपोषणता के कारण एवं सावधानियां इत्यादि नारी योजना के साथ आयोजित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 5 खाद्य वर्गों को प्रतिदिन खाने में इस्तेमाल करना आवश्यक है। क्योंकि हरेक खाद्य वर्ग में विभिन्न पोषक तत्व मौजूद रहते हैं अगर इन पोषक तत्वों की कमी हो जाये तो विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती है। उदाहरणत: एनिमिया जो तकरीबन किशोरियों में लोह तत्व की कमी से होता है इसके लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, अनार,अमरूद का सेवन करना जरूरी होता है। गलघोंटू बीमारी आयोडिन की कमी से होती है अत: आयोडाइजड नमक खाने के लिए जागरूक किया जाता है। मजबूत हडिडयों एवं बढ़ते शरीर के लिए प्रोटी बहुत जरूरी है जो हम दूध,दही से पूरा कर सकते हैं इसी तरह विटामिन सी की कमी से दांतों, मसूडों में खून आना इत्यादि बीमारियों से बचने के लिए रसदार फ ल जैसे अनार, संतरा, मौसमी, नींबू, आंवला का प्रयोग करना चाहिए। इसी सन्दर्भ में 200 पोषण किट का वितरण एवं विभिन्नि सब्जियों की 200 पौध एवं फ लीय पौधों का भी आगंनवाडी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण महिलाओं में किया गया। उन्होंने पोषण थाली का प्रर्दशन करके महिलाओं को पोषकता अपनाने का आह्वान किया एवं विडियो फि ल्म द्वारा विभिन्न व्यंजनों को बनाने की विधियां प्रदर्शित की वहीं स्वच्छता को भी अपने दैनिक जीवन में प्रयोग करने की सलाह दी । कोविड-19 के चलते इस कार्यक्रम में सामाजिक दूरी एवं मास्क का प्रयोग भी बखूबी निभाया गया।  
  कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीमा रोहिल्ला, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, नारायणगढ़ एवं शहजादपुर ने परिवार में महिलाओं की भूमिका को अहम् बताते हुए कहा कि चार-पांच साल के बच्चे, किशोरी, गर्भवती महिलाओं एवं दूध पिलाने वाली माताओं की जिम्मेदारी भी हम सभी की है। सर्वे अनुसार पाया गया है कि 0-5 साल के बच्चों में 55-60 प्रतिशत अनिमिया की कमी है। जब बच्चे ही हमारे बीमारियों से ग्रसित होंगें तब स्वस्थ युवा कैसे होंगें। इसलिए हरी सब्जियां घर पर उगायें एवं ताजा व पौष्टिक आहार अपने परिवार को दें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं अभियान से जनसंख्या में इजाफ ा हुआ है लेकिन अब बच्ची पैदा होने बाद बच्चियों का उचित पोषण हमारी जिम्मेदारी है। पुरूष प्रधान समाज होते हुए भी हमें घर में गर्भवती महिलाओं की रूचि का खाना बनाने की प्रधानता अपनानी होगी। प्रसव के बाद बच्चें को मां का दूध पिलाना सर्वप्रथम कार्य होना चाहिए। इस संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि वे समय पर गर्भवती महिला की जांच करवाने, समय पर टीके लगवाने, प्रसव से पूर्व किट तैयार करवाने एवं नवजात शिशु को स्तन-पान करवाने में अपनी अहम भूमिका निभायें। कोविड के चलते अपनी इम्यूनिटी को बढ़ाने के विषय में भी जागरूक किया। इफ को के से पहुंचे प्रवीन कुमार, क्षेत्रीय प्रबन्धक ने जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने, उर्वरकों का सही इस्तेमाल करने एवं घर में न्यूट्री गार्डन लगाकर परिवार को सही भोजन प्रदान करने की सलाह दी। इफ को के सहयोग से पोषण किट का वितरण किया गया।
डा.अमित कुमार, बागवानी विशेषज्ञ ने गृह-वाटिका बनाने, मौसमी सब्जियों के बीज में पौध लगाने, टमाटर, बैंगन इत्यादि की पौध लगाने का प्रदर्शन किया एवं इसकी देख-रेख करने, बुवाई एवं कटाई का समय, सिंचाई व रोग प्रबन्धन के बारे में विस्तार से बताया । उन्होनें टमाटर, फू ल गोभी, बैगन इत्यादि की पौध लगाने के तौर-तरीके भी सिखाए गुरू प्रेम ने किचन गार्डन में प्रयोग करने वाले संयंत्रों का प्रयोग एवं सावधानी बरतने पर जोर दिया। डा. विक्रम धीरेन्द्र सिंह, पौध संरक्षण विशेषज्ञ ने पुरानी परम्पराओं को पुन: अपनाने, गुड व शक्कर का प्रयोग, घर पर बनी मिठाईयों व खाने का प्रयोग, बाहरी वस्तुओं का कम इस्तेमाल इत्यादि पर प्रकाश डाला। साथ ही मशरूम उत्पादन एवं अपने दैनिक खाने में मशरूम का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया।  
इस कार्यक्रम में डा.सुनील सैनी, क्षेत्रीय विकास अधिकारी, कृषि विभाग, साहा राजकीय महा विद्यालय के प्रिंसीपल, केविके की वैज्ञानिक टीम, आंगनवाडी कार्यक र्ता एवं महिला कृषक एवं कृषकों ने भाग लिया। अन्त में ेधीरेन्द्र सिंह ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
बॉक्स:-
विशेष आकर्षण:
1. केन्द्र में पोषक माह के अन्र्तगत पोषक दिवस का आयोजन
2. आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के एवं महिला कृषकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
3. पोषण थाली के प्रदर्शन से दैनिक भोजन में उपयोग करने वाले भोज्य पदार्थ की जानकारी
4. पोषण किट -गृह वाटिका बीज किट का वितरण
5. अमरूद, नींबू, आंवले के पौधों का वितरण
6. टमाटर,बैगन,फूलगोभी की पौध का वितरण
7. 50 आंगनवाडी कार्यकर्ताओं एवं 150 महिला कृषकों एवं कृषको की प्रतिभागिता
8. फ ल एवं सब्जी परिरक्षण पर फि ल्म शो का आयोजन

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