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उपायुक्त विक्रम सिंह ने सैन्ट्रल सैक्टर स्कीम (डिस्ट्रीक लैवल मोनिटरिंग कमेटी) विषय को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की बैठक–दिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

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Aug 9, 2021

उपायुक्त विक्रम सिंह ने सैन्ट्रल सैक्टर स्कीम (डिस्ट्रीक लैवल मोनिटरिंग कमेटी) विषय को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों के साथ की बैठक–दिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
अम्बाला, 9 अगस्त:- 
उपायुक्त विक्रम सिंह ने आज अपने कार्यालय में सैन्ट्रल सैक्टर स्कीम (डिस्ट्रीक लैवल मोनिटरिंग कमेटी) विषय को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उनसे जानकारी लेते हुए इन विषयों के संदर्भ में उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
उपायुक्त विक्रम सिंह ने सैन्ट्रल सैक्टर स्कीम (डिस्ट्रीक लैवल मोनिटरिंग कमेटी) से जुड़े सम्बन्धित अधिकारियों को कहा कि किसी भी योजना को लागू करने से पहले किसानों को उसके बारे जागरूक करते हुए उसके उद्देश्य एवं लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी देना लाजमी है। उन्होंने कहा कि हमें किसानों से मिलकर उन्हें नई फसलों के उगाने से होने वाले लाभ के बारे में तथा उससे वह अपने उत्पादन में क्या लाभ कमा सकते हैं, इसके बारे में बताना बेहद आवश्यक है। नाबार्ड के डीएम दीपक जाखड़ ने उपायुक्त को अवगत करवाते हुए बताया कि सेंट्रल सेक्टर स्कीम के तहत किसान उत्पादक संघो के लिये जिला में ब्लॉक स्तर पर क्रॉप का निर्धारण किया जाना है तथा इस कार्य को एनसीडीसी के तहत सीओबी के माध्यम से एफपीओएस का गठन किया जाना है। उन्होंने बताया कि यह भारत सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है तथा इस योजना के तहत निर्धारित मापदंडो के तहत किसानो को पांच वर्ष तक ग्रांट व अन्य सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि विभाग व बागवानी विभाग के माध्यम से ब्लॉक वाईज किसानो को इस स्कीम के बारे प्रेरित किया गया है।
उन्होंने बताया कि नारायणगढ़ तथा शहजादपुर विकास खंड  में प्याज की फसल उगाने 250-250 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार अम्बाला प्रथम में तिलहन की फसल के लिये 150 एकड़ तथा अम्बाला द्वितीय विकास खंड में 200 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। साहा विकास खंड में आलू व तिलहन की फसल के लिये 900 एकड़ तथा बराड़ा खंड में आलू की फसल के लिये 400 एकड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को कहा कि वे बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसानों को इन नई फसलों के बारे में जागरूक करते हुए इनकी खेती अपनाने के लिए प्रेरित करें और उन्हें विस्तार से जानकारी दें ताकि इसके परिणाम भी अच्छे आ सकें। हमें किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए वे सुरक्षित तरीके से नई फसलों को उगाकर मुनाफा कमा सकते हैं उस बारे भी बताना है। इस कार्य को लेकर वे किसानों से बातचीत करें और उनमें विश्वास पैदा करे। बैठक के दौरान उपायुक्त ने पराली निस्तारण के विषय को लेकर भी सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की तथा कृषि विभाग के उपनिदेशक को इसके दृष्टिगत किये जाने वाले कार्यों बारे आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।  
बैठक में जिला परिषद के सीईओ अनुराग ढालिया, नाबार्ड के डीएम दीपक जाखड़, कृषि विभाग के उपनिदेशक गिरीश नागपाल, उपनिदेशक पशुपालन डा0 प्रेम, जिला उद्यान अधिकारी अजेश कुमार, जिला मत्सय अधिकारी रवि भाठला, डीएमईओ राधे श्याम शर्मा, एलडीएम डी.के. गुप्ता, विकास बहगल, जसविन्द्र सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे। 

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