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आर्य गल्र्ज काॅलेज, अम्बाला छावनी में ‘योग भगाए रोग’’ कार्यक्रम का आयोजन

Byadmin

Oct 20, 2020

अम्बाला : आर्य गल्र्ज काॅलेज, अम्बाला छावनी में वैदिक स्टडी सेंटर और संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित करवाए जा रहे प्रतिदिन 15 मिनट ‘‘योग भगाए रोग’’ कार्यक्रम को जारी रखते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डाॅ. अनुपमा आर्य ने स्टाफ के सदस्यों के स्वास्थ्य की परवाह करते हुए इस कार्यक्रम को लगातार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अनुलोम विलोम, डीप ब्रीथिंग (गहरी सांस), कपाल भाति के अभ्यास से मन स्थिर और इच्छा शक्ति दृढ़ होती है।

प्राचार्या डाॅ. अनुपमा आर्य ने ईश्वर स्तुति का गान ‘‘जीवन तुमने दिया है, संभालोगे तुम, आशा हमें है, विश्वास है, हर मुश्किल से विधाता, निकालोगे तुम’’ इन शब्दों के माध्यम से कोविड-19 अवसाद की घड़ी में भी स्टाफ के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ओम के उच्चारण से फेफड़े मजबूत होते हैं। कंठ में विशेष कंपन होती है जिससे मांसपेशियों को शक्ति मिलती है।

योग और प्रणायाम के साथ-साथ महाविद्यालय के कम्प्यूटर विभाग से साहिल शर्मा ने एक्यूप्रेशर एक्सरसाइज करवाई जिसमें ब्रीथिंग एक्यूप्रेशर जिससे सांस लेने में कठिनाई, अस्थमा और फेफड़े के रोगों का निदान होता है। पाचन क्रिया के लिए एक्यूप्रेशर एक्सरसाइज से पाचन-तंत्र मजबूत होता है, लीवर मजबूत होता है तथा तंत्रिका तंत्र को मजबूती मिलती है। पोषक तत्वों को ग्रहण करने की शक्ति बढ़ती है।

श्री साहिल शर्मा ने बताया कि गले से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए एक्यूप्रेशर एक्सरसाइज, सर्वाइकल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाली बीमारियां जैसे शूगर, उच्चरक्तचाप आदि के निदान के लिए आवश्यक है।

वैदिक स्टडी सेंटर की इंचार्ज डाॅ. सुनीता ने कहा कि योग कोई धर्म नहीं है, यह जीने की एक कला है जिसका लक्ष्य है-स्वास्थ्य शरीर में स्वस्थ मन। इस अवसर पर वैदिक स्टडी सेंटर सदस्य डाॅ. शचि शुक्ला, प्रो. प्रिया शर्मा, डाॅ. अनु और टीचिंग और नाॅन टीचिंग स्टाफ के सभी सदस्यों ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनंद उठाया।

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