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अम्बाला के 6 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों की ताजा सूची जारी

Byadmin

Apr 29, 2021

अंबाला-1 में जलबेड़ा, हसनपुर जबकि शहजादपुर में ॠषि नगर नई ग्राम पंचायतें – हेमंत  
अम्बाला – अगले कुछ माह में  हरियाणा में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के छठे  आम चुनावो में  जिला अम्बाला में पड़ने वाले छ: ब्लाकों में शामिल  सभी ग्राम पंचायतों  एवं उन्हें आबंटित किए गए कुल वार्डों की ताजा सूची जारी कर दी गई है.

शहर निवासी हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि बीती 20 अप्रैल को इस सम्बन्ध में एक आदेश  प्रदेश के विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, अमित झा, आईएएस द्वारा हरियाणा सरकार के शासकीय गजट में प्रकाशित किया गया है.

अम्बाला – 1 ब्लॉक   में  इस बार कुल 103 ग्राम पंचायतें होंगी. इनमें से जलबेड़ा और हसनपुर नई ग्राम पंचायतें होंगी. पहले यह क्रमशः आनंदपुर जलबेड़ा और नग्गल हसनपुर ग्राम पंचायतों में ही शामिल थीं. पिछले चुनावों में इस ब्लॉक में 101 ग्राम पंचायतें थीं.
अम्बाला – 2  ब्लॉक   में अबकी बार कुल 16 ग्राम पंचायतें होंगी. पिछली बार यहाँ  26 ग्राम पंचायतें थीं जिनमें से कई  को  जुलाई, 2019 में नगर निगम, अंबाला में शामिल कर लिया गया जब सदर क्षेत्र ( अंबाला कैंट) का एरिया अंबाला नगर निगम में से बाहर कर दिया गया और अंबाला सदर नगर परिषद का पुनर्गठन किया गया.
 बराड़ा ब्लॉक  में इस बार कुल 66 ग्राम पंचायतें होंगी. पिछली बार यह संख्या 67 थी. नारायणगढ़ ब्लॉक में इस बार 86 ग्राम पंचायतें होंगी जबकि पिछली बार यहां 84 ग्राम पंचायतें थीं.
साहा ब्लॉक में अबकी बार  60 ग्राम पंचायतें होंगी एवं पिछली बार भी यहाँ इतनी ही ग्राम पंचायतें थीं.
शहजादपुर ब्लॉक में  अब 69 ग्राम पंचायतें होंगी जो संख्या पिछली बार 67 थी. इसमें ॠषि नगर नई ग्राम पंचायत होगी, पहले यह बपौली ग्राम पंचायत में ही शामिल थी.
एडवोकेट हेमंत  ने  बताया कि   संविधान के अनुच्छेद 243 डी में महिलाओ ( अनुसूचित जाति/जनजाति  की महिलाओ सहित ) के लिए पंचायती राज संस्थाओ की सभी सीटों/पदों पर  राज्यों द्वारा न्यूनतम एक-तिहाई (33 %) आरक्षण करने का  अनिवार्य प्रावधान है हालांकि अगर राज्य सरकारें चाहें तो इससे अधिक  भी  महिला आरक्षण करने के लिए अपने विधानमंडल/विधानसभा में उपयुक्त  कानून पारित कर अपने अपने प्रदेश में  ऐसा लागू कर सकती हैं.  नवंबर, 2020 में हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित  हरियाणा पंचायती राज (दूसरा संशोधन ) कानून, 2020 , जो  7 दिसंबर 2020  से लागू हुआ,   द्वारा प्रदेश  में पंचायती राज संस्थाओ   में  महिलाओ के लिए  50 % आरक्षण का सीधा और स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है बल्कि महिलाओं के  लिए समान  प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का उल्लेख किया गया है. हालांकि उक्त संशोधन कानून से पूर्व हरियाणा पंचायती राज कानून, 1994 में महिलाओ के लिए स्पष्ट तौर पर एक-तिहाई (33 %) आरक्षण का उल्लेख था.
हेमंत ने  बताया कि अब  उपरोक्त  संशोधित  कानून अनुसार हरियाणा में  पंचायती राज संस्थाओ के  सभी  वार्डों /सीटों/पदों  को इवन/ओड नंबरो  अर्थात  सम/विषम  क्रमांक के  आधार पर विभाजित करने के बाद सर्वप्रथम इवन/सम ( 2 , 4 ,6 आदि ) चिन्हित  नंबरों  पर  योग्य महिला प्रत्याशी  चुनाव लड़ सकेंगी. इसी प्रकार ओड/विषम ( 1 ,3 ,5  आदि )  चिन्हित नंबरों   पर महिलाओ से भिन्न योग्य व्यक्ति (पुरुष ) आदि चुनाव लड़ सकेंगे.  इस कानूनी संशोधन से पूर्व महिलायें  न केवल उनके लिए आरक्षित 33 % सीटों पर चुनाव लग सकती थी बल्कि अगर  शेष 67 % सीटों पर भी उनके चुनाव लड़ने पर कोई कानूनी पाबंदी नहीं थी.
 इस वर्ष जनवरी में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में उक्त कानूनी संशोधन को  चुनौती दी गयी जिस पर हाई कोर्ट द्वारा सर्वप्रथम बीती 20 अप्रैल 2021 के लिए हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया गया एवं इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 3 मई को होनी है.

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