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अम्बाला की ग्लास ब्लोइंग इंडस्ट्री के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे सरकार : चित्रा सरवारा

Byadmin

Jun 5, 2021

अम्बाला की ग्लास ब्लोइंग इंडस्ट्री के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे सरकार : चित्रा सरवारा 

ऑक्सीजन की कमी से इंसान के साथ साथ ग्लॉस ब्लोइंग इंडस्ट्री खास तौर पर दम तोड़ रही 
अम्बाला छावनी :-हरियाणा डेमोक्रेटिक फ्रंट की नेत्री चित्रा सरवारा ने कहा है कि कोरोना संक्रमितों में ऑक्सीजन का स्तर गिरने के बाद से केंद्र सरकार ने औद्योगिक ईकाइयों को दी जाने वाली गैस की आपूर्ति पूर्ण रूप से बंद कर दी थी। इस आदेश के बाद अम्बाला के साइंस उद्योग से जुड़ी ईकाइयों ने जिला प्रशासन को सहयोग देते हुए ऑक्सीजन गैस के सिलेंडर सौंप दिए थे।अब स्थिति नियंत्रण में आने के बाद जिला प्रशासन ने साइंस उद्योग की ईकाइयों के ऑक्सीजन गैस के सिलेंडर तो वापिस कर दिए हैं। लेकिन अभी भी इनकी ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति बंद ही पड़ी है। परिणाम स्वरूप अम्बाला का साइंस उद्याेग पूरी तरह से ठप्प पड़ा है। इस कारण न केवल साइंस उद्योग के संचालक बल्कि यहां काम करने वाले हजारों लोग भी बड़ी भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। 
उन्होंने कहा कि अम्बाला में सबसे ज्यादा कोरोना की मार झेल रहे साइंस उद्योग के लिए सरकार तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे।पिछले साल मोदी सराकार ने दुनिया का सबसे बड़ा अर्थिक पैकेज की घोषणा की थी जिसके तहत उद्योगों को भी इस समय में अर्थिक मंदी झेलने में मदद मिलनी थी।अम्बाला की साइंस इंडस्ट्री देश में इकलौती है और इसका एक मुख्य हिस्सा ग्लास ब्लोइंग से जुड़ा है I ग्लास ब्लोइंग का काम अधिकतर लघु और माध्यम वर्ग की कम्पनी में चल रहा है जिसे कुटीर उद्योग भी कहा जाएगा। इन सब लघु उद्योगों में मालिक अपने कारोबार और कारीगरों को आज जिंदा रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आने वाले समय में अगर हालात ठीक नहीं हो जाते हैं तो भी इन्हें तब तक खड़े रहने में आज  सरकार की सहायता की जरूरत है I
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कोरोना महामारी की चपेट में आने वाले संक्रमित और मृतकों की संख्या में कमी के आंकड़े बताए जा रहे हैं। यदि यह आंकड़े सही हैं तो यह एक खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि वैसे तो कोरोना महामारी की मार समाज के सभी वर्गों पर पड़ी हैं लेकिन अम्बाला में कुटीर उद्योग की तरह चल रहे साइंस उद्योग को कोरोना महामारी की चौगुनी मार झेलनी पड़ी है।क्योंकि एक तरफ उद्योग में मंदी के चलते आज मार्केट नहीं है। काम करने वाला कारीगर घर पर बैठने पर मजबूर है।साइंस उद्योग में इस्तेमाल होने वाली ऑक्सीजन गैस की आपूर्ति प्रदेश सरकार ने 23 अप्रैल से बंद कर दी है।कोरोना लॉक डाउन और अर्थिक मंदी हर वर्ग और सेक्टर ने झेली है लेकिन ऑक्सीजन की मार आज साइंस और ग्लास इंडस्ट्री पर खास तौर पर है I
उन्होंने कहा कि साइंस उद्योग ने कोरोनाकाल में प्रदेश सरकार के निर्धारित नियमों का पालन किया है। उन्होंने कहा कि इस उद्योग से जुड़े संचालकों ने अपने अधीनस्थ काम करने वाले कर्मचारियों को भी कोरोनाकाल में हर संभव मदद की। इन हालातों को देखते हुए प्रदेश सरकार को चाहिए कि साइंस उद्योग को आज जिंदा रखने के लिए और आने वाले समय में दोबारा से चालू करने के लिए राहत पैकेज की तत्काल घोषणा करके अनुदान राशि को अविलंब वितरित किया जाए ताकि इस उद्योग से जुड़े लोगों के साथ साथ यहां काम करने वाले कर्मचारियों की भी रोजी-रोटी की समस्या का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि अम्बाला में साइंस उद्योग कि अनगिनत ईकाइयां हैं और यहां काम करने वाले लोगों की संख्या भी हजारों में है।

554 thoughts on “अम्बाला की ग्लास ब्लोइंग इंडस्ट्री के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा करे सरकार : चित्रा सरवारा”
  1. Having read this I thought it was rather enlightening.
    I appreciate you spending some time and effort to put this content together.

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    But so what, it was still worthwhile!